दशहरा पर वापसी के लिए तेजस में 106 सीटें खाली हैं। मंगलवार को ट्रेन का संचालन नहीं होगा, जबकि अन्य दिनों में भी इसमें सीटें खाली हैं। दशहरा के बाद नई दिल्ली की वापसी में यात्री ट्रेन से टिकट कराकर आसानी से रवाना हो सकते हैं। नौ अक्तूबर को इसका किराया 1600 रुपये है जबकि शताब्दी में वेटिंग मिल रही है। तेजस में एसी चेयरकार के 9 जबकि शताब्दी में एसी चेयरकार के 15 कोच लगते हैं। त्योहार छोड़कर अन्य दिनों में ट्रेन यात्रियों को नहीं लुभा रही है। इससे ट्रेन की अधिकांश सीटें खाली हैं।








न तेजस शताब्दी 08 अक्तूबर चलेगी नहीं वेटिंग 46 09 अक्तूबर 106 सीटें खाली वेटिंग 57 28 अक्तूबर 292 सीटें खाली वेटिंग 36 29 अक्तूबर चलेगी नहीं रिग्रेट 30 अक्तूबर वेटिंग 11 वेटिंग 153
शताब्दी से तेजस का किराया तीन गुना अधिक ट्रेन में शताब्दी की तरह डायनेमिक फेयर है। त्योहार में ट्रेन का किराया विमान के किराये से 50 फीसदी कम रहता है। लेकिन, यह किराया शताब्दी के किराये के लगभग ढाई गुना हो जाता है। यात्री इसकी जगह शताब्दी में जाना पसंद कर रहे हैं। त्योहार के पीक सीजन में नई दिल्ली से लखनऊ के बीच तेजस के एसी चेयरकार का किराया 3295 रुपये जबकि एग्जीक्यूटिव चेयरकार का किराया 4500 के पार पहुंच रहा है। वहीं, शताब्दी में यात्रियों को 1300 रुपये ही देना होगा।








अक्तूबर को ही ट्रेन में सारी सीटें फुल, अन्य दिनों का बुरा हाल
सीटें 28 अक्तूबर को तेजस में खाली शताब्दी में वेटिंगअ

Source:- Live Hindustan