रेलवे कई मामलों में जिंदा रेलकर्मियों का सालों तबादला नहीं करता। उसी रेलवे ने मौत के 16 महीने बाद एक मृतक रेलकर्मी का तबादला कर दिया है। इसके पीछे हैरान करने वाली वजह बताई कि ‘स्वयं के अनुरोध पर’ तबादला किया गया। रेलवे की मानें तो मृतक रेलकर्मी के अनुरोध पर उसका तबादला किया गया है। मामला भोपाल रेल मंडल का है। मृतक रेलकर्मी मिडघाट रेलखंड में तैनात था। अप्रैल 2018 में उसकी मौत हुई है।








रेलवे के वरिष्ठ मंडल कार्मिक शाखा द्वारा 28 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार स्व. सोहनलाल का मिडघाट से बुदनी रेलखंड में तबादला किया है। हालांकि रेलवे ने गलती मान ली है और उसे सुधार लिया है।

किडनी खराब होने से हुई थी सोहनलाल की मौत

32 वर्षीय सोहनलाल भल्लावी रेलवे में पाइंट्समैन था। भोपाल-इटारसी के बीच मिडघाट रेलखंड में वह तैनात था। आने-जाने वाली ट्रेनों को झंडी दिखाता था। बुदनी में रहता था। उसके जीजा पवन सिंह उइके ने बताया कि मार्च 2018 के आखिरी में अचानक सोहनलाल की तबीयत खराब हो गई। होशंगाबाद में इलाज कराया तो पता चला कि दोनों किडनी खराब हो गई है। इसके बाद भोपाल में इलाज कराया, फिर भी ठीक नहीं हुआ और अप्रैल 2018 में मौत हो गई है। स्व. सोहनलाल की पत्नी लता भल्लावी को उसके बाद अनुकंपा नियुक्ति मिल गई है, वह बीते आठ महीने से इटारसी में नौकरी कर रही है। पवन सिंह उइके ने यह भी बताया कि उसकी बहन ने तबादला के लिए कोई आवेदन नहीं किया है।




परिचालन व कार्मिक के अधिकारी जिम्मेदार

पाइंट्समैन रेलवे की परिचालन शाखा के अतंर्गत काम करते हैं इसलिए इनका तबादला शाखा के अधिकारियों की अनुशंसा पर ही होता है। यानी पूरी कार्रवाई परिचालन विभाग के अधिकारी करते हैं। उसके बाद कार्मिक शाखा तबादला आदेश जारी करती है। अभी परिचालन का जिम्मा विनोद तमोरी के पास है। वे वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक है। जबकि कार्मिक शाखा का जिम्मा एचएस मीना के पास है। वे वरिष्ठ मंडल कार्मिक प्रबंधक हैं।




भूल सुधार ली

भूलवश मृतक रेलकर्मी सोहनलाल का नाम सूची में शामिल हो गया था। जिसे हटा दिया गया है।

– आईए सिद्दीकी, प्रवक्ता भोपाल रेल मंडल