रेलवे स्टेशन भिखारियों के लिए रैन बसेरा नहीं बनेगा। न ही ऑटो और टैक्सी चालक अब स्टेशन के पोर्टिको और ओवरब्रिज पर खड़ा होकर सवारी की तलाश करते नजर आएंगे। डीआरएम अनिल कुमार मिश्रा ने स्टेशन और प्लेटफार्म पर अनाधिकृत लोगों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने सीनियर डीसीएम अखिलेश कुमार पांडेय और आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट हेमंत कुमार को इस आदेश पर अमल कराने को कहा है।








डीआरएम को लगातार शिकायत मिल रही थी कि चेकिंग में सुस्ती के कारण अवांछित लोगों ने रेलवे स्टेशन को अपना अड्डा बना लिया है। रूमाल सूंघते नशेड़ियों और भिखारियों के अलावा महत्वपूर्ण ट्रेनों के समय में ऑटो और टैक्सी वाले यात्रियों को परेशान कर रहे हैं। विद्यार्थी की आड़ में मनचले बिना टिकट स्टेशन पर तफरीह करते हैं। डीआरएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्टेशन को अनाधिकृत लोगों से मुक्त कराने को कहा है।




मंडल रेल प्रबंधक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसा देखा जा रहा है कि रेलवे स्टेशन पर अनाधिकृत लोगों को हटाने में आरपीएफ के अफसर और टीटीई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यदि स्टेशन पर एक भी अवांछित व्यक्ति नजर आया तो इसके लिए संबंधित स्टेशन के आरपीएफ इंस्पेक्टर और कॉमर्शियल स्टाफ जिम्मेवार होंगे। उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।




सीआईटी इंचार्ज को दिया गया आदेश: डीआरएम के आदेश पर त्वरित अमल के लिए सीनियर डीसीएम अखिलेश कुमार पांडेय ने धनबाद, पारसनाथ, कोडरमा, डाल्टनगंज, गोमो, गझंडी और सिंगरौली स्टेशनों के सभी सीआईटी इंचार्ज, सीटीआई व अन्य चेकिंग स्टॉफ को सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने स्टेशनों पर अनाधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगाएं। यदि आदेश पालन में कोई समस्या आ रही है तो फौरन आरपीएफ से संपर्क कर मदद लें। यदि सहयोग नहीं मिलता है तो कॉमर्शियल कंट्रोल, एसीएम, डीसीएम या उन्हें जानकारी दें।