सरकारी बैंकों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। उन्हें सितंबर से बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी, क्योंकि उनके डीए (महंगाई भत्ताः डियरनेस अलाउंस) में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह वृद्धि अगस्त-अक्टूबर तिमाही के लिए की गई है।

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने इस बाबत एक आदेश भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि जून 2019 के लिए ऑल इंडिया एवरेज कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (एआईएसीपीआई) डेटा आ गया है। यह डेटा बताता है कि अप्रैल 2019 में औसत सीपीआई 7121.68 थी, जो कि मई में बढ़कर 7167.33 हो गई। जून में यह 7212.98 पर पहुंच गई।








कैसे होती है DA की गणना?

डीए स्लैब 7167.33 – 4440 = 2723.33/4 = 681 (68.1%)
पिछली तिमाही में यह थी स्लैब = 645 (64.5%)

ऐसे समझें बढ़ोतरी के बारे में: मान लीजिए कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के प्रोबेश्नरी ऑफिसर (पीओ) का शुरुआती न्यूनतम वेतन 27,620 रुपए है। डीए में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद तनख्वाह में लगभग एक हजार रुपए की वृद्धि हो जाएगी। वहीं, शीर्ष अफसरों का वेतन इसी तरह हजार रुपए से अधिक बढ़ेगा।

7th Pay Commission: नरेंद्र मोदी सरकार ने अहम प्रस्ताव किया मंजूर, ये कर्मचारी सीधे तौर पर होंगे लाभान्वित
PM के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने मंगलवार 18 जून को रक्षा मंत्रालय के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी, जिसके तहत शांति क्षेत्रों में तैनात सैन्य अधिकारियों को फिर से राशन इन काइंड (राशन सामग्री) दिए जाने की बात कही गई थी.



पेंशन व्यवस्था में बदलाव की मांगः फोरम ऑफ रिटायर्ड बैंक एंप्लॉइज ने बैंकिंग क्षेत्र के तंत्र को बदलने, फैमिली पेंशन में सुधार लाने और मौजूदा कर्मचारियों के लिए कम प्रीमियम पर ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस के संबंध में मांग उठाई है। बैंक कर्मचारियोंके राष्ट्रीय संगठन के पूर्व महासचिव अश्विनी राणा ने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन और सैलरी वक्त के साथ बढ़ रही है, पर बैंकों की पेंशन योजना में कोई बदलाव नहीं हो रहा है।




राणा ने आगे बताया कि बैंक कर्मचारियों के परिजन को मिलने वाली पेंशन बहुत ही कम होती है। यह पिछली बेसिक सैलरी का 15 फीसदी हिस्सा ही होता है, जबकि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह रकम बगैर किसी सीमा के 30 प्रतिशत (न्यूनतम वेतन की) होती है।