भ्रष्ट अफसरों को रिटायर करने की प्रक्रिया शुरू , प्रधान सचिव करेंगे काम की समीक्षा, रिपोर्ट देंगे 15 जुलाई तक 

गृह मंत्रालय के आदेश के बाद दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने मंगलवार अधिकारियों के काम काज की समीक्षा का आदेश जारी कर दिया। उपराज्यपाल ने पिछले सप्ताह इस आशय का निर्देश मुख्य सचिव को दिया था जिसके बाद सेवा विभाग ने मंगलवार को दानिक्स व दास काडर के अधिकारियों के काम काज की समीक्षा का आदेश जारी कर दिया। सेवा विभाग द्वारा यह यह आदेश जारी होते ही अधिकारी वर्ग सतर्क हो गया।








सेवा विभाग ने पत्र को अत्यंत आवश्यक (मोस्ट अज्रेट) बताकर सभी प्रधान सचिवों व विभागाध्यक्षों को भेज दिया है। सेवा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी विभागीय प्रधान सचिव अपने अधीन काम करने वाले दानिक्स व दास काडर के अधिकारियों के काम काज का ब्योरा 15 जुलाई तक तैयार करेंगे। इसके लिए पत्र के साथ प्रोफोर्मा संलग्न कर दिया गया है। प्रधान सचिव प्रत्येक अधिकारी के काम काज को लेकर प्रोफोर्मा भरेंगे जिसे सब कमेटी को भेजा जाएगा।




सब कमेटी में प्रधान सचिव की रिपोर्ट पर विचार विमर्श होगा। इसके बाद यह रिपोर्ट गृह मंत्रालय द्वारा गठित रिव्यू कमेटी को भेजा जाएगा। सेवा विभाग ने प्रधान सचिवों को पत्र भेजकर उनके विभाग में काम कर रहे दानिक्स व दास काडर अधिकारियों के काम काज को लेकर प्रोफोर्मा भरकर इसे 15 जुलाई तक सेवा विभाग को भेजने कहा है। यानि 9 जुलाई को आदेश जारी हुआ व एक सप्ताह से कम समय में उन्हें प्रत्येक अधिकारी की रिपोर्ट भेजने कहा गया है।




सेवा विभाग ने प्रधान सचिवों को भेजे पत्र में एफआर 56 (जे) नियम का हवाला देते हुए कहा है कि गृह मंत्रालय ने उक्त नियम के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों के लिए प्रोफोर्मा भेज दिया है। पत्र में कहा गया है कि जो भी अधिकारी 50 या 55 वर्ष की उम्र तक पहुंचे हैं या सेवा में तीस वर्ष पूरा किए हैं उनके लिए यह आवश्यक है। दिल्ली सचिवालय के अलावा दिल्ली सरकार का अन्य सभी कार्यालय, बोर्ड व निगमों को भी यह पत्र भेज दिया गया है। इस आदेश के अनुसार सभी प्रधान सचिव 15 जुलाई तक सरकारी काम काज में पारदर्शित लाने के लिए इस प्रक्रिया को पूरा कर सेवा विभाग को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।