हजारों मुसाफिरों को एक शहर से दूसरे शहरों तक ट्रेनों में महफूज सफर कराने वाले लोको पायलटों के कंधे से किताबों का बोझ अब हटाया जा रहा है। ब्रितानी हुक्मरानों के समय से लागू इस व्यवस्था में अब बदलाव किया जा रहा है। ट्रेन चालकों को नियमों और कानूनों की जानकारी के लिए अब टैबलेट दिए जाएंगे। डिजिटल इंडिया को साकार करने की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं।.








लोको पायलट रेलवे की रीढ़ हैं। ट्रेन में सवार हजारों मुसाफिरों को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने का जिम्मा काफी हद तक उनके ही कंधों पर टिका है। इन्हीं कंधों पर टंगे बैग में चार से पांच किलो तक वजन रेलवे मैनुअल व अन्य दिशानिर्देशों वाली किताबों का भी लदा है। ट्रेन लेकर ड्यूटी पर निकलते वक्त लोको पायलटों को यह किताबें साथ रखनी होती हैं। बरसों से लागू इस व्वयस्था को उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल में अब बदला जा रहा है। रेलवे मैनुअल और संरक्षा संबंधी दिशानिर्देश अब ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए उन्हें टैबलेट भी दिए जा रहे हैं ताकि जरूरत पर सेकेंडों में जानकारी उनके सामने आ जाए।.




यात्री सुविधा और संरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे नित नए प्रयोगों की ओर अग्रसर है। लोको पायलट को टैबलेट देने की योजना भी इसी का हिस्सा है। इससे संरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। .

– अमिताभ, डीआरएम .

लोको पायलटों को टैबलेट देने की योजना का शुक्रवार को इलाहाबाद जंक्शन पर आगाज होने जा रहा है। सुबह दस बजे उत्तर मध्य रेलवे के जीएम राजीव चौधरी लोको पायलटों को टैबलेट देकर योजना की शुरुआत करेंगे। .




सीसीटीवी कंट्रोल रूम का उद्धाटन.

जंक्शन पर लगे 145 सीसी टीवी कैमरों की फुटेज पर हर समय निगरानी के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक पर सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाया गया है। नए कंट्रोल रूम का आगाज भी शुक्रवार को जीएम राजीव चौधरी के हाथों होगा।.

‘ मैनुअल और नियमोंं की मोटी किताबों से मिलेगा छुटकारा.

‘ ट्रेन ड्राइवरों को सेकेंडों में दिखेगा रेलवे मैनुअल.