देश के विभिन्न राज्यों को सस्ती व आधुनिक मेट्रो कोच आपूर्ति करने की रेलवे की योजना को झटका लगा है। रेलवे ग्लोबल टेंडर में विश्व बैंक के मानकों पर खरा नहीं उतर सकी है। .








मेट्रो कोच उत्पादन के विश्व बाजार में रेलवे की उतरने की तैयारी धरी की धरी रह गई। हालांकि रेलवे अब कोलकाता मेट्रो सेवा को मेट्रो कोच की आपूर्ति करेगी। जिससे भविष्य में वह मेट्रो कोच उत्पादन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को टक्कर दे सके। रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पिछले महीने मेट्रो कोच उत्पादन संबंधी ग्लोबल टेंडर में रेलवे को सफलता नहीं मिल सकी है। क्योंकि रेलवे के पास अभी मेट्रो कोच बनाने का कोई अनुभव नहीं है। इसलिए विश्व बैंक के मानक पूरा नहीं करने के चलते रेलवे टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गया। उन्होंने बताया कि मॉडर्न कोच फैक्टरी (एमसीएफ), रायबरेली को विस्तार योजना के तहत 480 करोड़ रुपये निवेश किया गया है। यह फैक्टरी विश्व स्तरीय बनाई गई है। .




एमसीएफ में अब जरूरत के मुताबिक रोबोटिक मैन्युफैक्चरिंग से एल्युमुनियम कोच व स्टीनलेस स्टील कोच का उत्पादन किया जा सकता है। अधिकारी ने बताया कि स्वेदशी मेट्रो कोच विदेश से आयात होने वाली मेट्रो कोच से 40 फीसदी सस्ती होगी।




बल्कि इसमें वाई फाई, सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल चार्जर, डोर कंट्रोल सिस्टम, ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम, इमरजेंसी में कोच से बाहर निकलने के लिए हवाई जहाज की तर्ज पर स्लाइडिंग स्लोप (फिसल पट्टी) की सुविधा होगी।