वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने इस वर्ष मार्च में खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर 8.65 फीसद ब्याज को मंजूरी दे दी है। यह उससे पिछले वित्त वर्ष के लिए मिली ब्याज दर के मुकाबले 10 आधार अंक (0.10 फीसद) ज्यादा है। इस फैसले से संगठित क्षेत्र के छह करोड़ से ज्यादा वेतनभोगियों को फायदा पहुंचेगा। तीन वर्ष बाद पीएफ अकाउंट पर ब्याज दर में बढ़ोतरी की गई है।








इस बारे में एक सूत्र ने कहा कि वित्त मंत्रलय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने पीएफ पर 8.65 फीसद ब्याज को अनुमोदन दे दिया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के बोर्ड ने बीते वित्त वर्ष के लिए पीएफ पर ब्याज के निर्धारण के लिए इस वर्ष फरवरी में बैठक की थी।




श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने बीते वित्त वर्ष के लिए 8.65 फीसद ब्याज दर की अनुशंसा की थी। ईपीएफओ के अनुमान के मुताबिक 8.65 फीसद के हिसाब से ब्याज देने के बाद उसके पास 151.67 करोड़ रुपये बच जाएंगे। अगर ब्याज दर बढ़ाकर 8.70 फीसद किया जाता, तो ईपीएफओ को 158 करोड़ रुपये का नुकसान ङोलना पड़ता। गौरतलब है कि इससे पिछले वित्त वर्ष (2017-18) के लिए ईपीएफओ ने पीएफ पर 8.55 फीसद ब्याज दिया था। हालांकि वित्त वर्ष 2015-16 में पीएफ पर 8.80 फीसद ब्याज दिया गया था, लेकिन सरकार ने उससे अगले वित्त वर्ष यानी 2016-17 में इसे घटाकर 8.65 फीसद कर दिया।




बड़ी राहत

’ सरकार ने बीते वर्ष के लिए पीएफ पर 8.65 फीसद ब्याज को दी मंजूरी

’ वित्त वर्ष 2017-18 में पीएफ पर दिया था 8.55 फीसद ब्याज