रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधा अब जल्द ही स्मार्ट होने जा रही है। रेलवे अपने सभी मौजूदा व सेवानिवृत कर्मचारियों को उम्मीद नाम से स्मार्ट हेल्थ कार्ड जारी करेगा। दक्षिण मध्य रेलवे में इसका पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद अब रेलवे के सभी जोन व मंडल स्तर पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्मार्टकार्ड को लागू करने का तरीका व उसकी जानकारी दी गई है। चूरू में रेलवे के कार्मिकों की नई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कर इसकी जानकारी बीकानेर मंडल को भिजवाई जा चुकी है।








अब जल्द ही रेलवे कर्मचारियों को स्मार्ट कार्ड जारी कर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। रेलवे करीब 70 लाख स्मार्ट कार्ड जारी करेगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारियों को यह कार्ड एक यूनिक नंबर के साथ देंगे। अभी रेलवे कर्मचारियों का मेडिकल कार्ड राशनकार्ड की तरह बना हुआ है। इसमें पहले पेज पर पेंशनर का नाम व उसकी फोटो लगी होती है। दूसरे पेज में आश्रितों का विवरण लिखा होता है। जरूरत पड़ने पर जिस कर्मचारी के नाम से कार्ड बना है उसे मौजूद रहना पड़ता है।




डायरी व कार्ड का स्थान लेगा उम्मीद स्मार्ट कार्ड : डायरी व कार्ड के रुप में रेलवे कर्मचारियों को रेलवे अस्पतालों में इलाज मिलता है। कर्मचारी को रेलवे द्वारा एक और डायरी जारी की जाती है, जिसमें कर्मचारी व परिवार के सदस्यों की फोटो लगी होती है। रेलवे से अनुमोदित निजी अस्पताल में भी इलाज के लिए लाल कार्ड को साथ ले जाना पड़ता है। अब स्मार्ट योजना को यूएमआईडी(उम्मीद) नाम देकर शुरु किया जा रहा है। जो वेब व मोबाइल आधारित स्वास्थ्य सेवा योजना होगी। इसमें कर्मचारी को एक यूनिक नंबर वाला स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। जिसे दिखाकर रेलवे का कोई भी कर्मचारी और उसका परिवार देशभर में रेलवे के अस्पतालों इलाज करवा सकेंगे।




यूनिक नंबर का जारी होगा कार्ड, 12 डिजिट अल्फा न्यूमेरिक होगा कार्ड

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारी को यह कार्ड एक यूनिक नंबर के साथ देंगे। कर्मचारी नौकरी के दौरान तबादला होने पर व सेवानिवृति के बाद भी यही नंबर काम आएगा। रेलवे ने कार्ड जारी करने की प्रकिया शुरु कर दी है। इसके तहत कर्मचारियों के रजिस्ट्रेशन की प्रकिया भी शुरु कर दी गई है। कार्ड के विशिष्ट पहचान नंबर व उससे जुड़ी जानकारी को रेलवे अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए सर्वर बनाया जाएगा। प्रत्येक अस्पताल इस सर्वर के माध्यम से कर्मचारी के बारे में जानकारी जुटा सकेगा, जो इलाज में सहायक होगी। रेलवे कर्मचारियों को कलर स्ट्रिप वाले मेडिकल हेल्थ यूनिक आईडी कार्ड जारी होंगे।