भारतीय रेलवे में अब महिला ट्रैकमैन बन सकेंगी दूसरे विभागों की अधिकारी, करना होगा ये

क्षिण-पूर्व रेल मंडल में कार्यरत महिला ट्रैकमैन अब विभागीय परीक्षा देकर रेल अधिकारी भी बन सकती हैं। इसका आदेश सभी मंडलों में रेलवे बोर्ड ने भेज दिया है। चक्रधरपुर मंडल में करीब तीन सौ महिला ट्रैकमैन कार्यरत है।








आदेश के बाद खुशी की लहर दौड़ पड़ी है क्योंकि यह महिलाएं किसी भी कीमत पर ट्रैकमैन का काम नहीं करना चाहती थी, लेकिन नौकरी की मजबूरी के कारण महिलाएं ट्रैकमैन का काम कर रही थीं। हालांकि ज्यादातर महिलाओं ने उच्च शिक्षा प्राप्त की है। अब रेलवे जल्द ही इन महिलाओं से विभागीय परीक्षा लेकर इन्हें अधिकारी बनाएगा। कुल रिक्तियों की दस फीसद महिला ट्रैकमैन ही इंटक कोटा के तहत विभागीय परीक्षा में बैठ पाएंगी।








चक्रधरपुर मंडल में 300 महिला ट्रैकमैन

मेंस कांग्र्रेस के शशि मिश्रा ने बताया कि ट्रैक मैन का काम मेहनत वाला होता है जो महिलाओं के बस की बात नहीं। इसको ध्यान में रखते हुए नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन(एनएफआइआर) ने ट्रैक मैन में काम करने वाली महिलाओं को दूसरे विभाग में सिफ्ट करने के लिए रेलवे बोर्ड से पत्राचार किया था। उक्त पत्राचार को रेलवे बोर्ड ने गंभीरता से लिए और यह आदेश जारी किया कि अब महिला ट्रैकमेन विभागीय परीक्षा देकर दूसरे विभाग में जा सकती है। यहां बता दें कि दक्षिण पूर्व मंडल में करीब 1350 महिला ट्रैक मैन है और चक्रधरपुर मंडल में इसकी संख्या करीब 300 है।