रेलकर्मियों को स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधा मिलेगी। रेल प्रशासन की ओर से नई योजना लाई गई है। इसके तहत रिटायरमेंट के बाद भी कैशलेस उपचार करा सकते हैं। इस सुविधा के तहत सेवानिवृत्त के बाद भी कर्मचारी देश के किसी भी क्षेत्र में हो उन्हें इमरजेंसी की स्थिति में 700 से अधिक अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा सेवा ले सकते हैं।








कैशलेस उपचार सर्विस सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों के लिए पूर्व रेलवे द्वारा शुरुआत की गई थी। यह योजना कर्मचारियों के लिए काफी लाभप्रद होने के कारण रेलवे ने इसे अपनाने का निर्णय लिया। इस योजना का लाभ सेवानिवृत्त रेलकर्मी एवं उनके परिवार के सदस्य कैशलेस ट्रीटमेन्ट सर्विस का लाभ आपात स्थिति में उठा सकते हैं। इसके लिए जल्द से जल्द सभी रेल मंडल के मुख्यालय में हेल्थ फेसिलिटेशन काउंटर खोले जाएंगे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कार्ड भी मुहैया कराया जाएगा। वह नामित अस्पताल से चिकित्सा करा सकेंगे।




48 घंटे के अंदर निकट के रेलवे डॉक्टर जाकर अस्पताल में परिचय प्रमाणित करेंगे। मालूम हो कि अभी भी उन्हें उपचार की सुविधा मिलती है। रेलवे अस्पताल में तो तकलीफ नहीं होती पर जब बारी दूसरे अस्पताल में कराने की होती है तब पहले रेलवे अस्पताल से रेफर किया जाता है। उसके बाद उपचार होता है और रेलवे उसका भुगतान करती है। लेकिन कार्ड से ऐसा नहीं है।




वे सीधे जाकर इलाज करा सकते हैं। स्वाइप करते ही अस्पताल का बिल भुगतान हो जाएगा। इस महत्वपूर्ण योजना के बारे में कुछ महीने पहले जोन कार्यालय में एक प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान यूटीआइ इन्फ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विस के रीजनल मैनेजर मिहिर चक्रवती एवं उनके सहयोगी उपस्थित थे। उन्होंने चिकित्सा विभाग, कार्मिक विभाग, वित्त विभाग, डब्लूआरएस/रायपुर एवं आरपीएफ विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा कार्यान्वयन से संबंधित जानकारी के लिए कार्यशाला भी आयोजित की गई।