नौकरी करते हुए जो लोग ऊंची डिग्री हालिस करना चाहते हैं. उनके लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार ने ऊंची डिग्री हासिल करने वाले अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाली प्रोत्साहन राशि को पांच गुना तक बढ़ाने को मंजूरी प्रदान कर दी है.

नौकरी करते हुए जो लोग ऊंची डिग्री हालिस करना चाहते हैं. उनके लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार ने ऊंची डिग्री हासिल करने वाले अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाली प्रोत्साहन राशि को पांच गुना तक बढ़ाने को मंजूरी प्रदान कर दी है. गौरतलब है कि पीएचडी जैसी ऊंची डिग्री हालिस करने वाले कर्मचारियों को को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 10000 से बढ़ा कर 30000 रुपये कर दिया गया है.








पांच गुना बढ़ा प्रोत्साहन भत्ता
कार्मिक मंत्रालय ने कर्मचारियों के लिए ऊंची डिग्री हासिल करने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के लिए 20 साल पुराने नियमों में संशोधन करना पड़ा. पुरान नियमों के तहत अब तक नौकरी के दौरान उच्च डिग्री हालिस करने वाले कर्मचारियों को एकमुश्क 2000 रुपये से 10000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी. अब न्यूनतम प्रोत्साहन राशि को 2000 रुपये से बढ़ा कर 10000 रुपये कर दिया गया है.




ये हैं नियम
कार्मिक मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार तीन साल या इससे कम की डिग्री डिप्लोमा हासिल करने पर 10000 रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे. वहीं तीन साल से अधिक की डिग्री या डिप्लोमा हासिल करने पर 15000 रुपये दिए जाएंगे.

30000 रुपये तक दिए जाएंगे
इसी तरह एक साल या कम की स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा हासिल करने पर 20000 रुपये दिए जाएंगे. वहीं एक साल से अधिक अवधि की स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा लेने वाले कर्मचारियों को 25000 रुपये मिलेंगे. पीएचडी या उससे समकक्ष योग्यता हासिल करने वालों को 30000 रुपये दिए जाएंगे.




इन बातों का रखना होगा ध्यान
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों में ये स्पष्ट किया गया है कि शुद्ध अकादमिक शिक्षा या साहित्यिक विषयों पर उच्च योग्यता प्राप्त करने पर कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा. कर्मी की ओर से हासिल की गई डिग्री/ डिप्लोमा कर्मचारी के पद से जुड़ी होनी चाहिए या उसके अगले पद पर काम आने वाले कार्यों से जुड़ी होनी चाहिए. इसमें कहा गया है कि योग्यता और काम के बीच सीधा संबंध होना चाहिए.