केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के लिए 2019 खुशखबरी लेकर आया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत पहले शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी हुई, जबकि आगे केंद्र ने डीए को बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया। सरकार के इस कदम से तकरीबन 1.1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। केंद्र के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित बिहार में सरकारी कर्मचारियों के डीए में इजाफा करने का ऐलान किया गया है।








मंगलवार (पांच मार्च, 2019) को बिहार कैबिनेट ने डीए में तीन फीसदी की वृद्धि की। यानी कि अब यह 12 प्रतिशत हो गया है। एक जनवरी, 2019 से यह प्रभाव में आएगा। बिहार कैबिनेट की विज्ञप्ति के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया, “वित्त विभाग के मुताबिक, रिवाइज्ड पे स्ट्रक्चर में सरकारी कर्मियों/पेंशनभोगियों को मिलने वाला डिस्काउंट अलाउंस/रिलीफ नौ फीसदी के बजाय 12 प्रतिशत होगा। यह एक जनवरी, 2019 से प्रभावी होगा।”




राज्य सरकार के इस फैसले से बिहार के तकरीबन चार लाख सरकारी कर्मचारियों और छह लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। हालांकि, इससे राज्य के सरकारी खजाने पर तकरीबन ग्यारह सौ करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा। बता दें कि बिहार यह ऐलान करने वाला पांचवां राज्य बन गया है। इससे पहसे, राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार ने 11 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए में इजाफा किया था। वहीं, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी सरकारी कर्मचारियों के डीए को बढ़ाया गया था।




गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में तकरीबन छह लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि ओडिशा में पांच लाख सरकारी कर्मचारी हैं। केंद्र के फैसले के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी राज्य सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले डियरनेस अलाउंस को नौ फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया था। सरकार के उस फैसले से लगभग दो लाख राज्यकर्मी और पेंशनभोगी लाभान्वित हुए थे।

Source:- Jansatta