मुंबई राजधानी में किया गया ट्रायल कामयाब होने के बाद अब रेलवे दूसरी राजधानी ट्रेनों की भी इसी तरह से रफ्तार बढ़ाने पर विचार कर रहा है। रेलवे का मानना है कि इससे न सिर्फ यात्री कम वक्त में अपना सफर पूरा कर सकेंगे बल्कि ट्रैक पर भी ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। हालांकि इस मामले में रेलवे को ऐसी हर ट्रेन में अतिरिक्त इंजन लगाना पड़ेगा।








रेलवे सूत्रों का कहना है कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनल और निजामुद्दीन के बीच चलने वाली ट्रेन का 13 फरवरी को कामयाब ट्रायल हुआ। इस से सफर में 106 मिनट की कमी हुई। डबल इंजन लगाने का एक फायदा यह भी हुआ कि इस रूट के रास्ते में कुछ क्षेत्र ऐसा है, जहां पहले भी अलग से इंजन लगाना पड़ता था और फिर बाद में हटाना पड़ता था। जब यह नया प्रयोग किया गया तो इंजन लगाने और हटाने में लगने वाले वक्त में भी बचत हुई।




रेलवे का कहना है कि इस तरह की कोशिश बांद्रा टर्मिनल और निजामुद्दीन के बीच के रूट पर भी की गई, जिससे सफर में एक तरफ से 83 मिनट और दूसरी ओर से 77 मिनट की बचत हुई। सूत्रों का कहना है कि इस तरह से अन्य राजधानी ट्रेनों में भी डबल इंजन लगाया जा सकता है।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लिए पैकेज टूर
इंडियन रेलवे की कंपनी आईआरसीटीसी अब गुजरात में बने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को भी अपने टूरिस्ट पैकेज में जोड़ रहा है। सात रात और आठ दिन के इस पैकेज में इस नए डेस्टिनेशन को जोड़ा गया है ताकि उसे देखने के इच्छुक पर्यटक इस टूरिस्ट पैकेज का फायदा ले सकें।



सूत्रों का कहना है कि यह टूरिस्ट पैकेज ट्रिप 4 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इस पैकेज में महाकलेश्वर, ज्योर्तिलिंग, ओमकेश्वर और औरंगाबाद के ज्योर्तिलिंग को भी शामिल किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इसको इसलिए शामिल किया गया है, क्योंकि यह टूरिस्टों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।