अब एमटेक-बीटेक डिग्री वाले रेलवे में मिस्त्री नहीं बन पाएंगे। सिर्फ आइटीआइ पास करने वाले युवाओं को ही इस पद पर मौका मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए आदेश जारी किया है। इसके बाद अब जहां बेरोजगार आइटीआइ पास युवकों को मिस्त्री पद पर नौकरी मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। वहीं एमटेक और बीटेक पास युवा सिर्फ इंजीनियर व सीनियर इंजीनियर पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।








ये कहा गया है आदेश में 

11 जनवरी को संयुक्त निदेशक (टू) एमएम राय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मिस्त्री (तकनीशियन) पद की भर्ती के लिए आइटीआइ पास युवक ही आवेदन कर सकते हैं। इस पद पर एमटेक या बीटेक का आवेदन अमान्य माना जाएगा। वजह यह है कि एमटेक-बीटेक करने वाले युवा मिस्त्री का काम करने से कतराते हैं। इससे रेलवे का काम प्रभावित होता है। इसी तरह से जूनियर इंजीनियर के लिए केवल डिप्लोमा और इंजीनियर व सीनियर इंजीनियर के पद पर बीटेक व एमटेक पास युवक ही आवेदन कर सकेंगे।




ये बोले रेल अफसर 

मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद काम में सुधार होगा। सभी वर्ग के तकनीशियन को नौकरी का अवसर मिलेगा।

रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, सुरक्षा और क्षमता निर्माण पर होगी रेलवे की नजर

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर आवंटन 21 फीसदी बढ़ाकर 2019-20 में 58,166 करोड़ रुपये कर दिया गया है.




रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी.के. यादव ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रेल को अब तक की सबसे ज्यादा पूंजीगत व्यय राशि 1.85 लाख करोड़ रुपये मिली है और रेलवे का मुख्य फोकस सुरक्षा साधन, क्षमता निर्माण, मॉबिलिटी में सुधार और यात्रियों की सुरक्षा पर होगा. वित्तमंत्री पीयूष गोयल द्वारा संसद में अंतरिम बजट पेश किए जाने के बाद रेलभवन में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यादव ने कहा, “वित्त एवं रेलमंत्री पीयूष गोयल ने जैसाकि अंतरिम बजट भाषण में जिक्र किया है कि यह साल अब तक का सबसे सुरक्षित साल रहा है.”

रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, “हमारा ध्यान सुरक्षा साधनों, क्षमता निर्माण, मॉबिलिटी और यात्रियों की सुरक्षा पर होगा.”

उन्होंने कहा कि रेलवे ने बड़ी लाइन के अपने नेटवर्क में सभी मानवरहित लेवल क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा कि रेलवे ऑटोमेटिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली पर काम कर रही है.

यादव ने कहा कि रेलवे ने पूर्वोत्तर के राज्यों में 43 परियोजनाएं शुरू की हैं जिनपर अनुमानित लागत 93,000 करोड़ रुपये आएगी.

इससे पहले रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर आवंटन 21 फीसदी बढ़ाकर 2019-20 में 58,166 करोड़ रुपये कर दिया गया है.