अंतरिम बजट में घोषित मेगा पेंशन योजना के लिए निर्धारित आय पात्रता मानदंड को सरकार लचीला बनाएगी। ताकि लाभार्थियों को उस समय भी इस योजना का लाभ मिले, जब उनकी मासिक आय 15 हजार रुपये की मौजूदा सीमा से अधिक हो जाए। .

सरकार इस योजना में असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ मजदूरों को शामिल करना चाहती है। श्रम मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, मासिक आय की मौजूदा सीमा को देखते हुए कुछ आशंकाएं थीं। सवाल है कि अगर लाभार्थी के कामकाजी जीवन के दौरान उसकी मासिक आय कुछ बिंदुओं पर मौजूदा सीमा को पार कर जाती है तब क्या उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इस पर आर्थिक मामलों के सचिव संतोष कुमार गर्ग के मुताबिक, इसके दो विकल्प हो सकते हैं। पहला 15 हजार रुपये मासिक आय का मानदंड कायम रहे। हालांकि बाद में लाभार्थी की मासिक आय की मौजूदा सीमा से ज्यादा हो जाने पर भी वह उसको योगदान देना जारी रखेगी। दूसरा 15 हजार रुपये प्रति माह की आय को मुद्रास्फीति के अनुसार समायोजित किया जाए।








Budget 2019: नई पेंशन योजना की घोषणा, हर महीने मिलेंगे 3000 रुपए

असंगठित क्षेत्र में कार्यरत 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रतिमाह 3000 रुपए पेंशन की घोषणा बजट में की गई है। वित्त मंत्री वे बताया कि सरकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन नाम की पेंशन योजना लॉन्च करेगी।




वित्त मंत्री पीयूष गोयल कहा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन नाम से मेगा पेंशन योजना के तहत 15 हजार से कम वेतन वालों के लिए न्यूनतम 3000 रुपए की पेंशन मिलेगी। उन्हें 100 रुपए प्रति महीने का अंशदान करना होगा और इतना ही योगदान सरकार की तरफ से होगा। असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।




60 साल पूरे होने के बाद हर महीने 3000 रुपए मिलेंगे। ये पेंशन योजना इसी वित्तीय वर्ष में शुरू होगी। पेंशन योजना के लिए शुरुआत में 500 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया।

उन्होंने कहा जिनका पीएफ कटता है, उनका 6 लाख का इंश्योरेंस होगा। श्रमिक की मौत पर अब छह लाख रुपए का मुआवजा दिया।