जेटली की जगह पीयूष गोयल पेश करेंगे अंतरिम बजट द किसानों के लिए ओडिशा या तेलंगाना की तर्ज पर घोषित हो सकती है नई योजना

पहली फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में मोदी सरकार नौकरी-पेशा वालों के लिए बड़ी घोषणा करने वाली है। किसानों और लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए भी राहतों की सौगात दी जाएगी। गुरुवार से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। सामान्य तौर पर कोई भी सरकार शीतकालीन सत्र का ही विस्तार कर अंतरिम बजट या लेखानुदान पेश कर पारित करवा लेती है। लेकिन मोदी सरकार ने विस्तारित सत्र की जगह पूर्ण सत्र बुलाया है। इसके कारण सत्र के पहले दिन यानि गुरुवार को राष्ट्रपति संसद के कें द्रीय कक्ष में संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। इसके पीछे का मकसद मोदी सरकार की पौने पांच सालों की उपलब्धियों को गिनाना है।








पिछले हफ्ते हुई कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण को मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में कहा था कि वह अपने कार्यकाल के आखिर में देश की जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे। गुरुवार को वही रिपोर्ट कार्ड पेश होगा। पहली फरवरी को अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल लोकसभा में लेखानुदान पेश करेंगे। अपने बजट भाषण में गोयल मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान करेंगे। अंतरिम बजट होने के कारण इस बार बजट भाषण ज्यादा लम्बा नहीं होगा, करीब 30-35 पन्नों का होगा।




यह पहला मौका होगा, जब केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली बजट पेश नहीं करेंगे। उनकी जगह वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त काम देख रहे रेल मंत्री पीयूष गोयल अंतरिम बजट में भी कुछ बड़ी घोषणाएं करेंगे। सूत्रों का कहना है कि इस बार सर्विस क्लास यानि नौकरी करने वालों के लिए बड़ी घोषणा की जाएगी। इसमें आयकर स्लैब बढ़ाना भी शामिल है। इसके अलावा कोई बड़ी घोषणा होगी। बजट में किसानों और कृषि को भी बड़ी राहत देने की प्रबल संभावना है। किसान और खेती-बाड़ी दोनों ही परेशानी से गुजर रहे हैं। प्रधानमंत्री साफ कर चुके हैं कि कर्जा माफ करना समस्या का हल नहीं है। इसलिए सरकार ओडिशा की कालिया योजना और तेलंगाना की न्यूनतम आय योजना की तर्ज पर कोई घोषणा कर सकती है।




‘‘अंतरिम’ ही होगा बजटसरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि एक फरवरी को संसद में पेश किया जाने वाला बजट ‘‘अंतरिम’ ही कहा जाएगा। मीडिया में ऐसी रिपोर्ट आई थी कि मोदी सरकार परंपराओं को तोड़ते हुए चुनाव से पहले आम बजट पेश करेगी।