कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से घोषित 21 और 22 फरवरी को हड़ताल का समर्थन किया है। सोमवार को मोर्चा के अध्यक्ष वीपी मिश्र की अध्यक्षता में नगर निगम के महासंघ भवन में हुई बैठक में इसकी घोषणा की गई। वीपी मिश्र ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि मोर्चा की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि हड़ताल को जनहित में स्थगित किया जा सके। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अतुल तिवारी गुट के महामंत्री अतुल मिश्र ने बताया कि 21 व 22 फरवरी को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। बताया कि हड़ताल में परिवहन और स्वास्थ्य के कर्मचारियों का बड़ी संख्या में सहयोग मिल रहा है।








• एनबीटी, लखनऊ : उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग स्टेनोग्राफर्स असोसिएशन की बैठक सोमवार को जवाहर भवन, ग्राम्य विकास विभाग के सभागार में हुई। इस दौरान राजकीय विभाग आशुलिपिक संवर्ग सेवा नियमावली-2016 और स्टाफिंग पैटर्न का शासनादेश लागू न होने पर आक्रेश व्यक्त किया गया। विकास कनौजिया के संचालन में हुई इस बैठक में मांग की गई कि आशुलिपिकों से उनके काम के अलावा अन्य काम न लिया जाए। उन्होंने मांग की कि आशुलिपिक से खाद्य निरीक्षक के पद पर प्रमोशन का कोटा पांच से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाए। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश वर्मा, प्रांतीय महामंत्री नरेन्द्र सिंह नेगी और सम्प्रेक्षक राजकुमार ने भी अपने विचार रखे। बैठक में संतोष साहू, प्रकाश सिंह, रजनी वर्मा, रेशू यादव, नितिन पटेल, गरिमा, हरिओम प्रजापति, सुखलाल सहित अन्य मौजूद रहे।




कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर सोमवार को प्रदेश के लखनऊ और बाराबंकी समेत विभिन्न जिलों में पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रदर्शन कर मशाल जुलूस निकाला गया। इसके माध्यम से सरकार द्वारा मांगें पूरी न होने पर 6 से 12 फरवरी तक महा हड़ताल करने की चेतावनी दी। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान किया। इस दौरान जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित एसीएम-5 को मांगों का ज्ञापन भी सौंपा गया।

राजधानी में यह मशाल जुलूस वरिष्ठ कर्मचारी नेता बीएन सिंह प्रतिमा स्थल-कर्मचारी प्रेरणा स्थल से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाली गई। मशाल जुलूस का नेतृत्व मंच के चेयरमैन संषर्घ समिति शिवबरन सिंह यादव और जनपद अध्यक्ष सुधांशु मोहन ने किया।



मशाल जुलूस में डिप्लोमा इंजिनियर महासंघ के महासचिव जी.एन.सिंह, डिप्लोमा इंजिनियर संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिवाकर राय, अधिकारी महापरिषद की इन्द्रासन सिंह, राजर्षि त्रिपाठी लोक निर्माण विभाग के वाहन चलाक महासंघ के अध्यक्ष रामफेर पाण्डे, सुनील यादव, जेपी तिवारी, मंच के जनपद संयोजक बीएस डोलिया, सह-चेयरमैन संषर्घ समिति अमिता त्रिपाठी, वन्दना सक्सेना सहित अन्य मौजूद रहीं।
पुरानी पेंशन के लिए जलाई मशाल• एनबीटी, लखनऊ: पुरानी पेंशन बहाली अभियान के तहत संयुक्त संघर्ष संचालन समिति उत्तर प्रदेश की ओर से सोमवार को जेल भरो आंदोलन के तहत ईको गार्डन में गिरफ्तारी दी गई। बाद में सभी 66 कर्मचारियों और पदाधिकारियों को रिहा कर दिया गया।

प्रांतीय अध्यक्ष एसपी तिवारी ने बताया कि जेल भरो आंदोलन 24, 28, 31 जनवरी और 5 फरवरी को आयोजित किया जा रहा है। इस कड़ी में सोमवार को ईको गार्डन में प्रांतीय संयोजक सुशील पांडेय, प्रांतीय सह संयोजक आरके वर्मा के नेतृत्व में गिरफ्तारी दी गई। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है। जब तक पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू नहीं होगी उनका आंदोलन जारी रहेगा।
66 कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी

लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से वेतन रोके जाने से आर्ट्स कॉलेज के कर्मचारियों और शिक्षकों में नाराजगी है। इस संबंध में एलयू कर्मचारी परिषद ने सोमवार को एलयू वीसी प्रो. एसपी सिंह को पत्र भी सौंपा है। इसमें कहा गया है कि विवि प्रशासन की ओर से दो महीने का वेतन नहीं दिया गया है। ऐसे में 29 जनवरी तक वेतन नहीं दिया गया तो बुधवार से आर्ट्स कॉलेज के सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।

कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि आर्ट्स कॉलेज को अब तक विवि की ओर से ही वेतन दिया जाता है, लेकिन विवि प्रशासन ने वेतन रोक दिया है। पिछले एक साल में चार बार कर्मचारियों का वेतन रोका जा चुका है। ऐसे में कर्मचारियों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। वहीं वीसी का कहना है कि शासन की ओर से इनकी ग्रांट नहीं मिलती है। इस पर राकेश यादव ने कहा कि ग्रांट तो विवि के कर्मचारियों की भी नहीं मिलती है। ऐसे में विवि अपने कर्मचारी और शिक्षकों को हर महीने सैलरी देता है तो आर्ट्स कॉलेज के ही कर्मचारियों का क्यों रोका जा रहा है।

वेतन नहीं मिला तो कल से हड़ताल पर आर्ट्स कॉलेज के कर्मचारी
कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर प्रदर्शन कर निकाला जुलूस।