इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत आप अपनी इनकम के 1.50 लाख रुपए पर टैक्स लगने से बचाते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि आप 50,000 रुपए और कैसे बचा सकते हैं। 80सी के तहत पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस), लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, होम लोन का प्रिंसिपल आदि आते हैं। आप सेक्शन 80सी की 1.50 लाख रुपए की लिमिट के बाद सेक्शन 80 सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपए और बचा सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि जो 31.2 फीसदी वाले सबसे ज्यादा वाले टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, वह सीधे 15,600 रुपए का टैक्स बचा सकते हैं।








नेशनल पेशंन सिस्टम 
सेक्शन 80 सीसीडी(1बी) आपकी छूट के दायरे को 1.50 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर देता है। सेक्शन 80सीसीडी(1बी) के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम पर टैक्स छूट मिलती है। आप चाहें तो 2 लाख रुपए का क्लेम लेने के लिए पूरा 2 लाख रुपए लगा सकते हैं। या सिर्फ 50,000 रुपए एनपीएस में लगाकर छूट का फायदा उठा सकते हैं। 1.50 लाख रुपए के टैक्स बेनेफिट का पूरा फायदा ले चुके हैं तो भी  एनपीएस में इन्वेस्ट कर 50 हजार रुपए और बचा सकते हैं।




क्या है यह योजना
फ्यूचर प्लानिंग के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) एक बेहतर विकल्प बन चुका है। इस स्कीम को भारत सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया था। सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है, अपनी मर्जी से इस योजना में शामिल हो सकता है।




कितना करना होगा इन्वेस्ट
अच्छी बात है कि इस योजना को 500 रुपए महीने के निवेश के साथ भी शुरू कर सकते हैं। वहीं, निवेश की अधिकतम रकम कुछ भी हो सकती है। इसमें  बहुत से लोग हैं जो कम उम्र में नौकरी शुरू करते हैं तो इस स्थिति में आ जाते हैं कि वह मंथली कुछ न कुछ निवेश कर सकें। योजना में आपको तब तक निवेश करना है, जब तक आपकी उम्र 60 साल न हो जाए। 60 साल की उम्र में जितना फंड तैयार होता है उसका 60 फीसदी आप घर ले जा सकते हैं। बाकी पर एन्युटी बन जाता है। अच्छी बात यह है कि अगले फाइनेंशियल ईयर से मैच्योरिटी अमाउंट जो आपके हाथ मे आएगा वह टैक्स फ्री होगा।