नई दिल्ली : सामान्य वर्ग के गरीब अभ्यर्थियों को 10 फीसद आरक्षण देने का कानून सोमवार से लागू हो गया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इस बीच संकेत है कि इसके लिए प्रस्तावित आठ लाख की आय सीमा को सरकार घटा सकती है। इसे संभवत: पांच लाख के आसपास किया जा सकता है।








सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रलय के मुताबिक, सोमवार को इस कानून को लेकर अधिसूचना जारी होने के साथ यह कानून पूरे देशभर प्रभावी हो गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार 14 जनवरी से इसके अमल का आदेश जारी करती है। गुजरात सरकार ने इस कानून को पहले से ही सोमवार से लागू करने की घोषणा कर रखी है।

दूसरे राज्य भी जल्द ही कानून को लागू करने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, इस पर अमल तभी शुरू हो पाएगा, जब इसके नियम भी तय हो जाएंगे। सूत्रों की मानें तो इसके लिए नियमों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण के लिए संसद से मंजूर संविधान संशोधन विधेयक को शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी थी।




रांची : झारखंड सरकार ने गरीब सवर्णो को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दस फीसद आरक्षण की कवायद शुरू कर दी है। कोशिश की जा रही है कि 17 जनवरी से शुरू हो रहे झारखंड विधानसभा के बजट सत्र से पूर्व इसकी घोषणा कर दी जाए। फिलहाल सरकार इससे जुड़े संवैधानिक पहलुओं का अध्ययन कर रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।




गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में 10 फीसद आरक्षण देने की घोषणा कर दी है। गुजरात देश का पहला राज्य है जिसने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी मिलने के बाद राज्य में आरक्षण की इस व्यवस्था को लागू कर दिया है। झारखंड सरकार गुजरात के पैटर्न पर ही राज्य में आरक्षण की इस व्यवस्था को लागू करने के प्रयास में जुटी है।