रेलवे कर्मचारी अब पत्नी का उत्पीड़न नहीं कर पाएंगे और न ही बच्चों, माता-पिता और छोटे भाई-बहनों को परेशान कर पाएंगे। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस तो कार्रवाई करेगी ही, साथ में डीआरएम भी एक्शन लेंगे।







रेलवे बोर्ड के कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। रेलवे को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि रेलवे के कुछ कर्मचारी प|ी, माता-पिता, छोटे भाई-बहनों और बच्चों को बेवजह परेशान करते हैं। उनके साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौच करते हैं। कुछ मामलों में मारपीट के भी केस सामने आए थे। रेलवे को यह भी जानकारी मिली थी कि ऐसे रेल कर्मचारी प|ी के साथ मारपीट, माता-पिता की देखभाल नहीं करने, छोटे भाई-बहन और बच्चों को पढ़ने का खर्च तक नहीं देते।




रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेल कर्मचारियों के व्यवहार का असर ट्रेन संचालन और यात्री सुविधाओं पर पड़ता है। घरों में विवाद होने के कारण कर्मचारी मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान रहते हैं, इसलिए ड्यूटी के दौरान भी ऐसे कर्मचारी ठीक से कार्य नहीं कर पाते। कई बार तो घर का गुस्सा यात्रियों पर निकाला जाता है। इससे रेलवे की छवि धूमिल हो रही है।




पत्नी का उत्पीड़न करने, बच्चों की ठीक तरह से देखभाल न करने पर अब रेल कर्मचारियों की खैर नहीं। रेलवे बोर्ड ने ऐसे रेलकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार डीआरएम को दिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर पत्र जारी किया है।