• रेलवे बोर्ड ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट मेडिकल हेल्थ कार्ड को बदला है
  • मेडिकल हेल्थ कार्ड का नंबर एटीएम की तरह 12 डिजिट का होगा।

रेलवे बोर्ड ने देश के सभी रेल कर्मचारियों, उनके आश्रितों, पेंशनरों और रिटायर्ड कर्मचारियों के आश्रितों के लिए यूनिक आईडी हेल्थ कार्ड बनाने का निर्णय लिया है। बोर्ड के कार्यकारी निदेशक उमेश बालूंदा ने सभी डिवीजनों के महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने के लिए कहा है। ये मेडिकल हेल्थ कार्ड एटीएम की तरह 12 डिजिट का होगा। दिल्ली डिवीजन की बात करें तो फरीदाबाद, पलवल, गुड़गांव, आनंद विहार, गाजियाबाद सेक्शन समेत दिल्ली एनसीआर के अन्य स्टेशनों और वर्कशॉपों में कार्यरत कर 1.25 लाख से अधिक लोगों को सुविधा मिलेगी।







कार्ड के जरिए रेलकर्मी देशभर में कहीं भी इलाज करा सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट मेडिकल हेल्थ कार्ड को बदला है। अस्पताल में कार्ड को स्वैप करते ही कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा सिस्टम पर आ जाएगा। इस सुविधा का लाभ देशभर में रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा।

अभी राशन कार्ड की तर्ज पर बना है कार्ड :

अभी रेल कर्मचारियों के लिए मेडिकल कार्ड राशन कार्ड की तरह है। इसमें पहले पेज पर कर्मचारी अथवा पेंशनर का नाम और उसकी फोटो लगी होती है। दूसरे पेज में आश्रितों का विवरण होता है। जरूरत पड़ने पर जिस कर्मचारी के नाम से कार्ड बना है उसे मौजूद रहना पड़ता है।




12 डिजिट अल्फा न्यूमैरिक कार्ड :

रेलवे कर्मियों को कलर स्ट्रिप वाले मेडिकल हेल्थ यूनिक आईडी कार्ड जारी होंगे। बोर्ड ने स्मार्ट मेडिकल हेल्थ कार्ड देने की योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी दक्षिण मध्य रेलवे को सौंपी है। कार्ड पर 12 डिजिट के अल्फा न्यूमैरिक नंबर दर्ज होंगे।




ये चार रंग होंगे खास :

बोर्ड ने मेडिकल हेल्थ कार्ड को चार रंगों में बांटा है। हेल्थ कार्ड को नीला, हरा और पीला रंग दिया गया है। सेवारत कर्मचारियों को मिलने वाले हेल्थ कार्ड पर ऊपर और नीचे नीले रंग की स्ट्रिप होगी। रिटायर कर्मियों के कार्ड पर हरे रंग की स्ट्रिप होगी।