सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कई तरफ से खुशखबरी आ रही है. दरअसल, यह खुशखबरी उनकी वेतन वृद्धि से लेकर जुड़ी है.

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कई तरफ से खुशखबरी आ रही है. दरअसल, यह खुशखबरी उनकी वेतन वृद्धि से लेकर जुड़ी है. क्योंकि, चुनाव आने से पहले कई राज्यों में वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जा रही हैं. ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि नए साल में उन्हें भी तोहफा मिल सकता है. दरअसल, पिछले कुछ दिनों में ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनसे केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदों को बल मिला है.








केंद्र सरकार इस वक्त पूरी तरह 2019 के चुनाव पर फोकस कर रही है. यही वजह है कि किसानों, बेरोजगारों और केंद्रीय कर्मचारियों को साधने की तैयारी चल रही है. प्रधानमंत्री लगातार वित्त मंत्रालय और दूसरे विभागों के साथ मीटिंग कर रहे हैं. इससे लगता है कि पिछले कुछ समय से जो मुद्दे लंबित चल रहे थे, अब उनका निपटान होने जा रहा है.




किसानों की कर्जमाफी
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि मंत्री और वित्त मंत्री से किसानों की कर्जमाफी को लेकर मीटिंग की थी. मीटिंग के बाद संभावना जताई गई कि नए साल में किसानों को कर्जमाफी का तोहफा मिलेगा. वहीं, इससे पहले बेरोजगारों के लिए यूनिवर्सल बेसिक इनकम पर भी मुहर लगने की बात सामने आ रही है. ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उन्हें भी निराश नहीं करेगी. नए साल में चुनाव से पहले उन्हें सातवें वेतन आयोग का लाभ मिल जाएगा.

महाराष्ट्र सरकार ने लागू किया
वहीं, दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य के 17 लाख कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर दी है. एक जनवरी से महाराष्ट्र के सरकारी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का फायदा मिलेगा. वेतन आयोग की सिफारिशों को देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दी है. हालांकि, सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद महाराष्ट्र सरकार के खजाने पर 20 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है.




बिहार में भी मिल चुका है फायदा
इससे पहले अक्टूबर में बिहार सरकार ने राज्‍य कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के महंगाई भत्‍ता/राहत की दर 7 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी थी. बिहार में नई दरों को 1 जुलाई 2018 से लागू कर दिया गया है. इस निर्णय के बाद बिहार सरकार के खजाने पर 419 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया.

केंद्रीय कर्मचारियों को क्या मिलेगा
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी बढ़कर 18000 रुपए हो जाएगी. इसके अलावा तमाम बेनिफिट्स भी उनको मिलेंगे. वहीं, कर्मचारियों की मांग है कि उनकी सैलरी को बढ़ाकर 26000 रुपए किया जाए. वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार केंद्रीय कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.68 से बढ़ाकर 3 गुना कर सकती है. इससे उनकी सैलरी 21000 रुपए हो जाएगी. हकीकत में वेतन में कितनी वृद्धि होगी यह तभी पता चलेगा, जब केंद्र सरकार इसका ऐलान करेगी.

Source:- ZEE