रेलवे के लाखों कर्मचारियों को स्मार्ट मेडिकल कार्ड मिलने का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे बोर्ड ने चार रंगों के स्मार्ट कार्ड देने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। इनके स्वाइप करने के साथ ही रेलवे अस्पतालों में कर्मचारी का पूरा ब्योरा कम्प्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा। स्मार्ट कार्ड मिलने के बाद कर्मचारियों को अस्पतालों में इलाज कराने के लिए पंजीकरण से लेकर दवाओं तक की सुविधा काफी आसानी से मिलने लगेगी। रेलवे कर्मचारियों की सहूलियत के लिए रेलवे बोर्ड ने चार रंगों के स्मार्ट कार्ड जारी करने के आदेश दिए हैं। कर्मचारियों, उनके परिवारीजनों व रिटायर कर्मियों की पहचान रंगों के हिसाब से होगी।








इन कर्मियों के लिए अलग अलग कलर होगा

सेवारत रेलकर्मियों के लिए- पीला.

कर्मचारियों के आश्रितों को- मैरून.

रिटायर कर्मचारियों के लिए- हरा.

रिटायर कर्मियों के आश्रितों को-नीला.








यात्रियों से मधुर व्यवहार करें रेलकर्मी, पढ़ाया गया सौहार्द का पाठ-अफसर ने सदाचार के टिप्स

बदलते दौर में यात्री सुविधाओं में भी बदलाव आया है। आज यात्रा   के साथ यात्रियों को बेहतर सेवा देने के प्रयास हो रहे हैं। ऐसे में रेलकर्मियों, कुलियों व वेंडरों को अपने अच्छे आचरण से यात्रियों को सेवाएं देनी चाहिए। जिससे रेलवे की छवि और बेहतर हो सके। यात्रियों के साथ सदाचार के टिप्स मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे मंडल कार्यालय में सहायक वाणिज्य प्रबंधक प्रथम एमपी सिंह ने दिए।

सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने लखनऊ जंक्शन, ऐशबाग, बादशाहनगर और डालीगंज में तैनात टीसी, टीटीई, रिजर्वेशन क्लर्क, बुकिंग क्लर्क, पार्सल कर्मचारियों और कुलियों को सौहार्द का पाठ पढ़ाया। सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने कहा कि जिन स्टेशनों पर यात्रियों को अच्छी सेवाएं दी जाती हैं, यात्री खुद उनकी रेटिंग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि अनारक्षित टिकट काउंटर पर बैठे कर्मी भी टिकट लेने वाले यात्रियों से प्रेमपूर्ण व्यवहार करें, इससे रेलवे राजस्व में वृद्धि होगी।