सातवाँ वेतन आयोग – कर्मचारियों की इन मांगों पर सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक, हो सकती है महत्वपूर्ण घोषणा,

7th Pay Commission के तहत भत्ते दिए जाने, वेतन विसंगतियों व अस्पतालों में कैशलेश इलाज को ले कर उत्तर प्रदेश सरकार व कर्मचारियों के बीच सहमति बन चुकी है. लकिन एक महीने बाद भी अब तक आदेश जानी न किए जाने को ले कर कर्मचारियों में काफी रोष है.

7th Pay Commission के तहत भत्ते दिए जाने, वेतन विसंगतियों व अस्पतालों में कैशलेश इलाज को ले कर उत्तर प्रदेश सरकार व कर्मचारियों के बीच सहमति बन चुकी है. लकिन एक महीने बाद भी अब तक आदेश जानी न किए जाने को ले कर कर्मचारियों में काफी रोष है. सोमवार को कर्मचारियों के संगठन पब्लिक सर्विस इम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों व राज्य के मुख्य सचिव के बीच बैठक होनी है. इस बैठक के निषकर्ष के आधार पर कर्मचारी बड़ी घोषणा कर सकते हैं.








भत्ते व अन्य मांगों को ले कर अब तक जारी नहीं हुए आदेश
7th Pay Commission के तहत भत्ते दिए जाने, वेतन विसंगतियों व अस्पतालों में कैशलेश इलाज को ले कर उत्तर प्रदेश सरकार व कर्मचारियों के बीच सहमति बन चुकी है. लकिन एक महीने बाद भी अब तक आदेश जानी न किए जाने को ले कर कर्मचारियों में काफी रोष है. सोमवार को कर्मचारियों के संगठन पब्लिक सर्विस इम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों व राज्य के मुख्य सचिव के बीच बैठक होनी है. इस बैठक के निषकर्ष के आधार पर कर्मचारी बड़ी घोषणा कर सकते हैं.




मांगों को ले कर सोमवार को होगी महत्वपूर्ण बैठक
पब्लिक सर्विस इम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने बताया कि राज्य में लगभग 22 लाख सरकारी कर्मचारी हैं. कर्मचारियों की ओर से किए गए प्रदर्शन व आंदोलन के बाद सरकार ने 7th Pay Commission के तहत भत्ते दिए जाने, वेतन विसंगतियों को दूर करने व सरकारी कर्मियों को अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांगों को माल लिया था. लेकिन एक महीने से अधिक का समय होने के बावजूद इस पर अब तक कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं. कर्मचारी संगठन की मांग के आधार पर प्रदेश के मुख्य सचिव वे शनिवार को वार्ता के लिए बुलाया था पर किन्हीं कारणों से वार्ता नहीं हो सकी. सोमवार को वार्ता होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि यदि वार्ता में कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन शुरू करेंगे.




पुरानी पेंशन स्कीम के लिए शुरू होगा आंदोलन
केंद्र सरकार से 7वें वेतन आयोग के तहत बेसिक पे बढ़ाने की मांग के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व्‍यवस्‍था (OPS) को फिर से बहाल करने की मांग पूरे देश में जोर पकड़ रही है. जम्‍मू-कश्‍मीर, ओडीशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश समेत कई अन्‍य राज्‍यों में ओपीएस की मांग तेज हो रही है. दिल्‍ली सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस लागू करने का आश्‍वासन दिया है. इससे अन्‍य राज्‍यों के कर्मचारियों को अपने यहां भी ओपीएस लागू होने की उम्‍मीद जगी है. कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले किसी भी हाल में पुरानी पेंशन व्‍यवस्‍था को लागू कराने की कोशिश करेंगे. यूपी की संयुक्‍त संघर्ष संचालन समिति (S4) के अध्‍यक्ष एसपी तिवारी की मानें तो 21 दिसंबर 2018 से 21 जनवरी 2019 के बीच यूपी के लाखों कर्मचारी ओपीएस के लिए संघर्ष करेंगे. वे पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम तक अपनी मांग पहुंचाएंगे. इसके बाद भी ओपीएस लागू नहीं हुआ तो फिर 21 जनवरी से 5 फरवरी 2019 के बीच सरकारी कर्मचारी गिरफ्तारी देंगे और जेल भरो आंदोलन का रास्‍ता अख्तियार करेंगे. इस आंदोलन में सरकारी कर्मचारी के साथ शिक्षक वर्ग भी शामिल है.