आयकर विभाग आयकरदाता को रिटर्न भरने से राहत देने जा रहा है। अधिकारी खुद ही आयकरदाता का रिटर्न फार्म भरेंगे, आयकरदाता को केवल इस पर हस्ताक्षर करना होगा। इससे समय से रिटर्न भी दाखिल हो जाएगा। कई योजनाओं पर काम कर रहा आयकर विभाग आयकर विभाग एक साथ कई काम करने जा रहा है। आयकर चोरी रोकने, आय के वास्तविक स्रोत की जानकारी एकत्रित करने के साथ आयकरदाता को राहत देने की भी रणनीति तैयार की गई है।








प्रस्तावित योजना से वेतन भोगी और ईमानदारी से आयकर देने वाले आयकरदाताओं को लाभ होगा। देश में कुल आयकर दाता में 80 फीसद वेतन भोगी कर्मचारी हैं। आधार कार्ड, पैन कार्ड तो बैंक खाते से जुड़ चुके हैं। बड़ी खरीदारी में पैन और आधार कार्ड की आवश्यकता होती है। सरकारी व प्राइवेट नौकरी पेशा कर्मियों का सर्विस रिकार्ड व वेतन मद का रिकार्ड आधार कार्ड व पैन कार्ड से नहीं जुड़ा है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) नया सिस्टम तैयार कर रही है।




इसके तहत सभी कर्मचारियों के सर्विस व वेतन रिकार्ड को आधार व पैन कार्ड से जोड़ने की योजना है। आयकर सिस्टम वेतन, बैंक में जमा राशि से मिलने वाले ब्याज व अन्य आय के बारे में जानकारी एकत्रित करेगा। आयकरदाता द्वारा आयकर की छूट के लिए जीवन बीमा व अन्य पॉलिसी की जानकारी भी एकत्रित करेगा। इसके आधार पर आयकर अधिकारी प्रत्येक साल आयकरदाता का रिटर्न फार्म भर कर तैयार कर देगा। रिटर्न जमा करने से पहले आयकरदाता मेल द्वारा भरा हुआ रिटर्न फार्म डाउनलोड कर लेगा और रिटर्न की जांच करेगा।




रिटर्न में कोई गलती या कमी होने पर सुधार करेगा। इसके बाद रिटर्न फार्म पर हस्ताक्षर कर या डिजिटल हस्ताक्षर कर आयकर विभाग को भेज देगा। अगले वित्तीय वर्ष में लागू होगी योजना वित्त मंत्रालय के डायरेक्ट टैक्सेज एडवाइजरी कमेटी के सलाहकार सदस्य अरविंद कुमार सिंघल ने बताया कि नई योजना अगले वित्तीय वर्ष में लागू करने की तैयारी है।