यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ट्रैकमैन, गैंगमैन और अन्य फील्ड कर्मी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं। काम के दौरान कई रेल कर्मियों की मौत भी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करके इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इसलिए रेलवे बोर्ड ने अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








रेलवे बोर्ड की ओर से सभी क्षेत्रिय रेलवे को पत्र जारी किया गया है। पटरी मरम्मत और कार्य शुरू करने से पहले वहां पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया है। यदि जरूरी हो इस पर निगरानी के लिए किसी कर्मचारी की भी तैनाती की जा सकती है। बिना पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध के कोई सुपरवाइजर पटरी मरम्मत या अन्य कार्य करने के लिए किसी कर्मचारी पर दबाव नहीं डालेगा।




पटरी या सिग्नल में किसी खराबी की वजह से ट्रेन को रोके जाने पर समयबद्धता बाधित होती है। इसे लेकर सवाल जवाब से बचने के लिए कई बार अधिकारी फील्ड कर्मचारियों को ट्रेन को नहीं रोकने का मौखिक निर्देश जारी कर देते हैं जिससे हादसा का खतरा बना रहता है। वहीं, कई बार संरक्षा को ध्यान में रखकर ट्रेन रोकने वाला कर्मचारी अधिकारियों के कोपभाजन का शिकार बन जाता है। इस तरह की शिकायतों को भी रेलवे बोर्ड ने गंभीरता से लिया है। भविष्य में इस तरह की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।




अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कोहरे का प्रकोप भी बढ़ेगा। ऐसे में फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसलिए सभी सुपरवाइजरों व फील्ड कर्मचारियों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है।