रेल प्रबंधन ने विशेष कार्य करने वाले गैंगमैनों और अन्य कर्मियों को आला अधिकारियों की तरह सम्मान देने की व्यवस्था की है। रेल मंत्री स्तर से ऐसे गैंगमैनों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसके अलावा पत्‍‌नी के साथ एसी फ‌र्स्ट में यात्रा करने की सुविधा भी दी जाएगी। 15 दिन तक दिल्ली घूमने का भी अवसर मिलेगा। बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास सुरक्षित ट्रेन संचालन व यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में निचले स्तर के कर्मचारी बेहतर तरीके से काम करते हैं। ऐसे कर्मियों को महज साधारण पुरस्कार देकर ही संतुष्ट कर दिया जाता है।








जबकि कर्मियों को आदेश देने वाले अधिकारियों को रेलवे बोर्ड व रेल मंत्री पुरस्कृत करते हैं। पुरस्कार लेने जाने के लिए विशेष यात्रा पास के साथ विशेष सुविधा भी मिलती है। अब रेलवे बोर्ड ने विशेष कार्य करने वाले कर्मचारी चाहे वे गैंगमैन ही क्यों ने हो, उन्हें भी क्लास वन (डीआरएम के बराबर) अफसर की तरह सुविधा दी जाएगी। डिप्टी डायरेक्टर ने जारी किया पत्र रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (वेलफेयर) वी मुरलीधरण ने इस संबंध में पाच नवंबर 2018 को पत्र जारी किया है।




इसमें कहा है कि जो कर्मचारी अपने कार्य के साथ विशेष कार्य करते हैं जिससे बड़ी ट्रेन दुर्घटना बच जाती है, रेलवे के विकास के लिए बेहतर सुझाव देते हैं और यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में योगदान देते हैं, ऐसे कर्मियों को रेलवे बोर्ड के अधिकारी या रेल मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार पाने वाले कर्मचारी जिस भी श्रेणी में काम करते हैं, दिल्ली जाने और आने के लिए उन्हें एसी फ‌र्स्ट में यात्रा करने का पास भी दिया जाएगा। इस पास के साथ वह अपनी पत्‍‌नी को भी ले जा सकेंगे।




दिल्ली घूमने के लिए उन्हें 15 दिन का समय भी मिलेगा। इसके अलावा गेस्ट हाउस में ठहरने की सुविधा भी मिलेगी। वर्तमान में पुरस्कार पाने वाले रेल कर्मचारी को स्लीपर या एसी थ्री का यात्रा पास मिलता है। पुरस्कार लेकर तत्काल लौटना भी होता है। रेलवे प्रबंधन का मानना है कि इस व्यवस्था के बाद रेलवे कर्मचारी अधिक लगन से काम करेंगे। इससे चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का मनोबल भी बढ़ेगा। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि नई व्यवस्था के बाद फ्रंट लाइन (अग्रिम पंक्ति) में काम करने वाले कर्मचारी को सम्मान मिलेगा और वे मेहनत से काम भी करेंगे।