आपने देखा होगा कि ट्रेन के आगे इंजन लगा होता है, लेकिन अब नई रेल में ऐसा नहीं होगा। रेलवे ने हाई स्पीड ‘ट्रेन-18’ तैयार की है। इसमें ट्रेन के आगे कोई इंजन नहीं होगा। ट्रेन की हर बोगी के नीचे इंजन लगा होगा। यह ट्रेन दो सौ किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। पहला ट्रायल मुरादाबाद रेल मंडल प्रशासन को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) के साथ मिलकर करना है। चेन्नई रेल कोच फैक्ट्री ने यह ट्रेन तैयार की है। इसकी बोगी मेट्रो की तर्ज पर बनी है।








ट्रेन के दोनों ओर चालक व गार्ड के बैठने की व्यवस्था है। चालक के पास इंजन को संचालित करने व कंट्रोल करने वाला सिस्टम होगा। एक मिनट से कम समय में ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार से दौड़ना शुरू कर देगी। ट्रेन को कम समय में रोका जा सकता है। यह ट्रेन पूरी तरह से एसी है। ट्रेन चलने के पहले सभी दरवाजे बंद हो जाएंगे और स्टेशन पर रुकते ही खुल जाएंगे।




दुर्घटना होने पर अपने आप ही दरवाजे खुल जाएंगे। यात्रियों के बैठने के लिए आरामदेह चेयर की व्यवस्था है। कोच में वाई फाई सुविधा मिलेगी।ट्रायल मुरादाबाद-बरेली के बीच होगा। ट्रेन को अधिकतम 115 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर चलाया जाएगा। पहले ट्रायल में सफल होने के बाद दूसरा मथुरा रेल मार्ग पर किया जाएगा। दोनों ट्रायल में सफल होने के बाद ट्रेन-18 को भारतीय रेल में शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद रेल मंत्रलय तय करेगा कि ट्रेन को किस मार्ग पर चलाना है।




मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि अगले सप्ताह तक ट्रेन-18 की बोगी मुरादाबाद पहुंच जाएगी। आरडीएसओ की टीम के साथ मिल कर ट्रायल की तारीख तय की जाएगी। नवंबर के प्रथम सप्ताह में ट्रायल पूरा होने की उम्मीद है।ट्रेन-18 में बैठने की सीट भी है आधुनिक ’