रेल प्रशासन स्टेशन मास्टर और यात्री के बीच आने वाली सभी बाधाओं को खत्म करने जा रहा है। यात्री अब सीधे स्टेशन मास्टर से ट्रेन से संबंधित सही जानकारी ले सकेंगे और सहायता भी प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए रेलवे ने वास्तविक समय रेल जानकारी प्रणाली (आरटीआइएस) तैयार किया है। यह जीपीएस और मोबाइल नेटवर्क के जरिये संचालित होगा। वर्तमान में ट्रेन कहां पर है, इसकी जानकारी करने के लिए आनलाइन व्यवस्था की गई है।








इसके बाद भी यात्रियों को ट्रेनों की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। वर्तमान में जानकारियां देने वाला सिस्टम काफी पुराना है। ट्रेन के जाने के बाद स्टेशन मास्टर इसकी सूचना कंट्रोल रूम को देता है। कंट्रोल रूम के कर्मचारी नेशनल इंक्वायरी सिस्टम पर इसे अपडेट करते हैं। इसके बाद यात्री के पास जानकारी पहुंचती है। कई बार ऐसा भी होता है कि ट्रेन स्टेशन पर खड़ी होती है और यात्री को सूचना मिलती है कि ट्रेन अभी दूर है। इसे देखते हुए रेल प्रशासन स्टेशन मास्टर और यात्रियों के बीच सीधे संपर्क स्थापित करने की व्यवस्था करने जा रहा है।




इसके लिए भारतीय रेल सूचना प्रौद्योगिकी ने आधुनिक सिस्टम तैयार किया है, जो जीपीएस और मोबाइल नेटवर्क से चलेगा। इसका नाम वास्तविक समय रेल जानकारी प्रणाली (आरटीआइएस) रखा गया है। यह सिस्टम देश के 650 प्रमुख स्टेशन पर लगाया जाएगा। ट्रेन के आउटर सिग्नल पर पहुंचते ही स्टेशन मास्टर को सूचना मिल जाएगी और वह इस सूचना को यात्री को सीधे भेज देंगे। ट्रेन स्टेशन के किस प्लेटफार्म पर खड़ी है, इसकी भी जानकारी यात्री को मिलेगी। इसे टिकट से संबंधित सिस्टम से जोड़ा जाएगा।




यात्री टिकट व सुविधा के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। यात्री समस्या के समाधान के लिए स्टेशन मास्टर को सूचना भेज सकते हैं। यात्री को यह सुविधा रेलवे के एप व आनलाइन दोनों पर मिलेगी। 1मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि रेल प्रशासन यात्रियों को तत्काल सूचना उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक सिस्टम लगाने जा रहा है। इसके तहत आरटीआइएस स्थापित किया जा रहा है। मार्च तक यह काम पूरा होने की संभावना है।’>>स्टेशन मास्टर सीधे यात्रियों को भेजेंगे सूचना1’>>तैयार किया आरटीआइएस, जीपीएस व मोबाइल नेटवर्क से संचालित होगा