पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग को दोहराते हुए उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ ने आगामी लोकसभा चुनाव में नोटा दबाने की चेतावनी दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामराज दुबे ने सोमवार को कहा कि प्रदेश सरकार अपने स्तर पर पुरानी पेंशन नीति लागू कर सकती है। केरल, बंगाल इसका उदाहरण है।








2014 लोकसभा चुनाव से पहले खुद तात्कालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार बनने के बाद पुरानी पेंशन नीति को लागू करने की बात की थी। केंद्र से लेकर प्रदेश तक में भाजपा की सरकार बन गई है। इसके बाद भी पुरानी पेंशन नीति को लागू नहीं किया गया है। बताया कि एक साल बाद फिर से लोकसभा का चुनाव होने वाला है। ऐसे में सरकार ने जल्द ही हमारी मांगों को पूरा नहीं किया तो कर्मचारी दोबारा नोटा दबाने या सरकार के खिलाफ जाने का फैसला ले सकते हैं।




एससी/एसटी संशोधित कानून के विरोध में सोमवार को जीपीओ के समाने अवंतीबाई प्रतिमा से लेकर राजभवन तक पैदल मार्च निकाला गया। मार्च में राम राज स्थापना महासंघ, भगवा रक्षा वाहिनी, भ्रष्टाचार मुक्ति आंदोलन, सनातन महासभा सहित कई संगठनों के 200 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।




आयोजक के रूप में वीरेंद्र सिंह के साथ अखिल भारतीय समग्र विचार मंच के अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्र, उपाध्यक्ष डॉ. प्रवीण, वेद प्रकाश सचान, सैयद रजा हुसैन रिजवी, कुंवर मोहम्मद आजम खान, सत्यम त्रिपाठी और अन्य लोग मौजूद रहे।• एनबीटी सं, लखनऊ: पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग को दोहराते हुए उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ ने आगामी लोकसभा चुनाव में नोटा दबाने की चेतावनी दी है।