भारतीय रेल की 165 साल पुरानी समृ़द्ध विरासत को गूगल के कला एवं संस्कृति प्लेटफार्म पर 3डी इफेक्ट के साथ लुफ्त उठाया जा सकेगा। इस प्लेटफार्म पर रेलवे विरासत और धरोहरों को देखने वालों को एक खास अनुभव का एहसास होगा। .

गूगल ने प्रथम चरण में दार्जिलिंग की टॉय ट्रेन से लेकर सुरंगों, पुलों, ऐतिहासिक स्टेशन वाली इमारतों, रमणीक स्थलों सहित रेलवे कर्मचारियों की फोटो व वीडियो को उक्त प्लेटफार्म पर डिजिटल रूप में सहेजने का काम कर रहा है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने कहा कि भारतीय रेलवे का इतिहास एवं विरासत देश के इतिहास व विरासत के तरह विविधतापूर्ण है। भाप के इंजनों का आकर्षण, टॉय ट्रेनें, ऐतिहासिक रेलवे स्टेशनों के भवन आदि रेलवे की विरासत बहुत कुछ सिखाती है।








आज भी ट्रेन में सफर का आकर्षण है, वह हवाई जहाज, सड़क परिवहन और अन्य परिवहन साधन में नहीं है। 1998 में फेयरी क्वीन को चलाया, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जगह मिली। इसके बाद रेल विरासत की बात शुरू हुई। आज दार्जिलिंग ट्रेन हमारी विश्व धरोहर में शामिल है। कालका शिमला, मुंबई सीएसटी स्टेशन भवन भी विश्व धरोहर में शामिल है। लोहानी ने गूगल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हम रहे या नहीं रहें, रेलगाड़ी चलती रहेगी।
गूगल के अधिकारियों ने भारतीय रेल संग्रहालय के नाम से गूगल कला एवं संस्कृति प्लेटफार्म पर रेलवे विरासत को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। गूगल ने प्रथम चरण में 151 रेल दर्शनीय रेल स्थलों, 55 रेलवे स्टेशनों, 16 सुरंगों एवं पुलों, नीलगिरी, कांगड़ा वैली, दार्जिलिंग, माथेरान टॉय ट्रेनों को 3डी इफेक्ट में प्लेटफार्म पर डिजिलिटीकरण किया है। इसके अलावा गैंगमैन से लेकर टीटीई व दूसरे रेल कर्मियों के अनूठे प्रयासों को वीडियो व फोटो को प्लेटफार्म पर जगह दी है। इसमें वॉलीवुड द्वारा फिल्माए गए गीतों व दृश्यों को संजोया गया है।.




साल पुरानी समृ़द्ध विरासत को गूगल के कला एवं संस्कृति प्लेटफार्म पर 3डी इफेक्ट के साथ लुफ्त उठाया जा सकेगा.

रेल दर्शनीय रेल स्थलों, 55 रेलवे स्टेशनों, 16 सुरंगों एवं पुलों, नीलगिरी, कांगड़ा वैली, दार्जिलिंग, माथेरान टॉय ट्रेनों को 3डी इफेक्ट में प्लेटफार्म पर डिजिलिटीकरण किया है।.




इस मौके पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए गूगल के कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गूगल सभी 17 जोन व 68 डिविजन के रेल विरासत व धरोहरों का डिजिटल रूप में सहेजे। इस मौके पर गोयल ने उम्मीद जताते हुए कहा कि आगले चार माह में सभी 6000 रेलवे स्टेशनों पर वाईफाई मुहैया करा दिया जाएगा। गूगल जैसी दिग्गज कंपनी के साथ साझेदारी में इस योजना को तेजी से सफलता मिली है।.