रेलवे में नौकरी पाने के लिए दो करोड़ 37 लाख से अधिक आवेदन आए हैं।

रेलवे में ग्रुप डी यानी लेवल-1 की भर्ती के लिए परीक्षा 17 सितंबर से शुरू होने जा रही है। अभ्यर्थियों को शहर और पाली की जानकारी दस दिन पहले दी जाएगी। अभ्यर्थी प्रवेश पत्र परीक्षा के चार दिन पहले ही डाउनलोड कर सकेंगे। इसमें परीक्षा केंद्र की जानकारी होगी।.

रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है जिससे सेटिंग की गुंजाइश न रहे। मालूम हो कि दस दिन पहले शहर की जानकारी होने पर करोड़ों अभ्यर्थियों को ट्रेन में वेटिंग टिकट के सहारे सफर करना पड़ेगा। रेलवे ने लेवल-1 के 62,097 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए मार्च में अधिसूचना जारी की थी। अधिकारी ने बताया कि केरल में बाढ़ के कारण लेवल-2 के पदों (सहायक लोको पायलट व तकनीशियन) होने वाली परीक्षा को रद्द कर दिया था। यह परीक्षाएं अब चार सितंबर को होंगी।.








अभी तक लेवल-2 के पदों पर रेल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का प्रतिशत 76 फीसदी रहा है। लेवल-2 की परीक्षा का परिणाम सितंबर के अंत तक होने की उम्मीद है। परीक्षा में फेल होने अभ्यर्थियों को रेलवे उत्तर का मिलान करने का मौका देगी। यानी अभ्यर्थी ने परीक्षा में जो जवाब दिए हैं उसके रेलवे के उत्तर से मिलान कर सकेंगे। किसी प्रकार की शिकायत होने पर ऑनलाइन आरआरबी पर दर्ज करा सकेंगे। वहीं, लेवल-2 की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को एक परीक्षा दुबारा देनी होगी। इसे फाइन एक्जाम कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि इनकी संख्या दस लाख के आसपास हो सकती है। लेवल-दो के 60 हजार पद हैं। इसके बाद उनको कॉल लेटर भेजा जाएगा। सहायक लोको पायलट को मनौवैज्ञानिक परीक्षा से भी गुजरना होगा।








लेवल-2 (ग्रुप सी) के पदों में लोको पायलेट, सहायक स्टेशन मास्टर, तकनीशियन आदि पद हैं। जबकि लेवल-1 (ग्रुप डी) के पदों में गैंगमैन, ट्रैकमैन, प्वांइटमैन आदि की आते हैं। पहले ग्रुप डी के पदों पर जोनल रेलवे भर्ती करता है। इस बार इस पद के लिए आरआरबी से लिखित परीक्षा कराई जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट जोनल रेलवे ही लेगा।.