नई दिल्ली: दो साल पहले सातवां वेतन आयोग लागू होने के बावजूद हजारों केंद्रीय कर्मचारियों को अब तक सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब केंद्र सरकार ने ऐसे तमाम कर्मचारियों की इस दिक्क्त को दूर करने के लिए सभी मंत्रालयों और विभागों से साफ कहा है कि 30 अगस्त तक वे तमाम ऐसी कोशिशें करें, जिसके बाद कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सारी सुविधाएं मिलने लगें।








क्या था पेंच: सूत्रों के अनुसार, सबसे ज्यादा मामले ऐसे हैं, जिनमें पे-बैंड और पे-मैट्रिक्स में बदलाव को लेकर उलझन है। पहले केंद्रीय कर्मचारियों को पे-बैंड के अनुसार वेतन मिलता था, लेकिन सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा लागू होने के बाद कहा गया कि पै-बैंड की जगह पे-मैट्रिक्स लागू किया जाएगा। इसके लिए जरूरी बदलाव करने थे। इस लिए लगभग 20 हजार कर्मचारियों का मामला तकनीकी दिक्कतों में फंस गया, यानी उन्हें सातवें वेतन आयोग के तहत पैसा नहीं मिल पा रहा था।




डीओपीटी की पहल: अब डीओपीटी ने ऐसे कर्मचारियों को नए वेतन आयोग का लाभ दिलाने के लिए सर्विस रूल में ही बदलाव करके पे-मैट्रिक्स के हिसाब से सब कुछ तय करने का आदेश दिया है। 30 अगस्त तक यह काम करने को कहा गया है। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2016 में 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और इतने ही पेंशनधारकों के लिए सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा लागू की थी।




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त्योहार में बढ़ेगा DA!

लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जल्द ही खुशखबरी आ सकती है। सरकार महंगाई भत्ता बढ़ाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, त्योहार के मौसम से ठीक पहले इसे लागू करने की तैयारी है। दरअसल, सरकार महंगाई भत्ते के आकलन का आधार बदल रही है। अगली बढ़ोत्तरी नए हिसाब से होगी।