रेलवे में सीनियर अधिकारियों के लिए ‘बंधुआ मजदूर’ के तौर पर काम करने की बहुत पुरानी परंपरा के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ट्रैकमैन ने यह चिट्ठी रेल मंत्री को लिखी है। मामूल हो कि पिछले साल सितंबर में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अधिकारियों को अपने जूनियर कर्मचारियों से घरेलू काम नहीं कराने का निर्देश दिया था और कहा था कि जो अधिकारी ऐसा करना जारी रखेंगे उनके खिलाफ








सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद गैंगमैन, ट्रैकमैन समेत करीब ग्रुप-डी के 10,000 रेल कर्मचारियों को सीनियर अधिकारियों के घर से निकाला गया और उन्हें फिर से सुरक्षा और रख-रखाव के काम में लगाया गया।

लेकिन कुमार और उनके पांच सहकर्मी अभी भी अधिकारियों ने घर काम कर रहे हैं। उन्होंने लेटर में कहा है कि यूपी के बाराबंकी में स्थित रेलवे जिला मुख्यालय से करीब 500 मीटर की दूरी पर हमारी ड्यूटी एक अधिकारी का निजी घर बनवाने में लगी है। हमसे बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार किया जा रहा है। कुमार ने अधिकारी के घर काम करने का विडियो शूट करके भी मंत्री को भेजा है।








रेलकर्मी ने मंत्री को लिखा – हम रेलवे के लिए काम करेंगे, अफसर के घर पर नहीं

सीनियर अफसर के लिए ‘बंधुआ मजदूर’ के तौर पर काम करने की पुरानी परंपरा के खिलाफ आवाज




उत्तरी रेलवे के लखनऊ मंडल में काम करने वाले ट्रैकमैन धर्मेंद्र कुमार ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को लेटर लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि वह और उनके सहकर्मी अपने सीनियर अधिकारियों के घर का निर्माण-कार्य नहीं करेंगे और वे केवल रेलवे के लिए काम करेंगे।