नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (एनआरएमयू) के मंडल मंत्री आरके पाण्डेय ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर गठित कमिटी भी कर्मचारियों के भरोसे पर खरी नहीं उतर रही। पुरानी पेंशन योजना को लागू करने सहित कई मामलों को लेकर पीएम ने जो वादा किया था वह अभी तक पूरा नहीं हो सका है। मजबूर होकर रेलकर्मी अब आरपार की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।








पाण्डेय ने बताया कि पुरानी पेंशन स्कीम न लागू किए जाने से लाखों रेलकर्मी परेशान हैं। इसको लेकर केंद्रीय कर्मचारी अब आंदोलन करने के लिए मजबूर हो चुके हैं। ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने केंद्रीय कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन योजाना लागू करने की मांग की है।




उन्होंने केंद्र सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम भी दिया है। पाण्डेय ने बताया कि पिछले साल कर्मचारियों के आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री के निर्देश पर न्यूनतम भत्ते, न्यू पेंशन स्कीम और कर्मचारियों के एलाउंस तय करने के लिए कमिटी का गठन किया गया था। इसमें अलाउंस कमिटी की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें 18 महीने का अलाउंस नहीं दिया गया है। अभी न्यूनतम भत्ते और न्यू पेंशन स्कीम कमिटी की रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने बताया कि अगर अगले महीने तक सकारात्मक परिणाम नहीं आए तो कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।




एनपीएस पर रिपोर्ट तैयार

यूनियन के पदाधिकारियों के मुताबिक न्यू पेंशन कमेटी की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। इसको कर्मचारियों के सामने पेश करना बाकी है। जानकारों के माने तो पेंशन देने के बजाए सरकार सेवानिर्वित कर्मचारियों को न्यूनतम भत्ता देने की तैयारी कर रही है। हालाँकि रिपोर्ट आने के बाद ही विस्तृत जानकारी हो पायेगी, कर्मचारियों के नेतायों के अनुसार न्यू पेंशन के साथ न्यूनतम भत्ता कमेटी की रिपोर्ट भी आने की उम्मीद है।