रेलवे में अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को भी मिल सकेगा म्यूचुअल ट्रांसफर का फायदा

घर से दूर रहकर नौकरी करने वाली रेलकर्मियों के लिए रेलवे बोर्ड का नया आदेश खुशखबरी लेकर आया है। अब म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए कर्मचारियों को इधर-उधर भटकते हुए अपने ही विभाग के दूसरे साथी की तलाश नहीं करना पड़ेगी। दो अलग-अलग विभागों के रेल कर्मचारी (1800 ग्रेड -पे) भी पारस्परिक स्थानांतरण ले सकेंगे। बस उनका कैडर समान होना चाहिए। पुराने नियम में संशोधन करके रेलवे बोर्ड ने नए आदेश जारी किए हैं। इसका फायदा मंडल के साढ़े पांच हजार कर्मचारी उठा सकेंगे, जो नौकरी के लिए दूसरे प्रदेश या शहरों से यहां आए हैं। कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए आल इंडिया रेलवे फेडरेशन ने यह मुद्दा रेलवे बोर्ड के सामने उठाया था।







बड़ी राहत

रेलवे बोर्ड के आदेश से 238 से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

238 से ज्यादा के आवेदन लौटाए

दो साल में रेलवे में म्यूचल ट्रांसफर के लिए 238 से ज्यादा कर्मचारियों द्वारा आवेदन लगाए गए थे लेकिन उन्हें वापस लौटा दिया। वजह आवेदन देने वाला कर्मचारी समान विभाग के कर्मचारी को तैयार नहीं कर पाए। पहले कई विभागों के अधिकारी म्यूचुअल ट्रांसफर का आवेदन तक नहीं लेते थे।



पोर्टल पर बढ़ जाएगी संख्या

कर्मचारियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 2014 में रेलवे ट्रांसफर पोर्टल शुरू किया था। इसमें देश के सभी जोन व डिविजन में ट्रांसफर लेने वाले कर्मचारी का पता चल जाता था। बावजूद ज्यादातर मामलों में समान विभाग के कर्मचारी नहीं मिलते थे। नए नियम से पोर्टल पर दर्ज कर्मचारियों की संख्या बढ़ जाएगी। म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए जोड़ीदार भी मिल जाएंगे।




अभी समान विभाग के कर्मचारियों को थी सुविधा

रेलवे बोर्ड ने इंडियन रेलवे स्टेब्लिशमेंट मेन्युअल (आईआरईएम) के पैरा 310 में संशोधन किया है। इससे दो विभागों के स्थानांतरण चाहने वाले कर्मचारी भी पारस्परिक स्थानांतरण करा सकेंगे। अब तक समान विभागों के कर्मचारी को ही यह सुविधा मिलती थी। एसबी श्रीवास्तव, मंडल मंत्री -वेरेएयू

बदले नियम पर अमल शुरू

रेलकर्मियों की सुविधा के लिए बोर्ड लगातार निर्णय ले रहा है। म्यूचुअल ट्रांसफर के नियम बदले हैं, जोन मुख्यालय से मंडल में आदेश आने पर तत्काल लागू कर दिया जाएगा। जेके जयंत, पीआरओ- रतलाम रेल मंडल