इस हादसे की वजह से मुंबई के डब्बेवालों की सेवा भी प्रभावित हुई है। मुंबई डब्बावाला असोसिएशन के सुभाष तालेकर काम में हो रही देरी के चलते मुंबई के डब्बेवालों ने यह फैसला लिया है। उन्होंने सभी डब्बेवालों से डब्बे वापस करने, और डब्बे न लेने के लिए कहा है।• ट्रेन करीब 50 मीटर की दूरी पर थी। मोटरमैन सांवत ने बताया कि जब उन्होंने देखा कि फुटओवर ब्रिज का मलबा गिर रहा है तो उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगाए। जिससे इस ट्रेन में यात्रा कर रहे सैकड़ों लोगों की जान बाल-बाल बच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सावंत को रेलमंत्री ने 5 लाख देने की घोषणा की है।







देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के अंधेरी स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज हादसे के दौरान लोकल ट्रेन के मोटरमैन सैकड़ों यात्रियों के लिए एक फरिश्ता बनकर सामने आए। बताया जा रहा है कि यह हादसा और भी भयावह हो सकता था, अगर वहां से गुजर रही लोकल के मोटरमैन चंद्रकांत सावंत ने अपनी सूझबूझ से इमरजेंसी ब्रेक न लगाए होते। यह ट्रेन बोरीवली से चर्चगेट की तरफ जा रही थी। ट्रेन अंधेरी से कुछ आगे बढ़ी ही थी कि मोटरमैन ने फुटओवर ब्रिज गिरते हुए देख लिया।








थम गई पश्चिम मुंबई

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंदर भाकर ने कहा, ‘ऐसा लग रहा है कि तेज बारिश के कारण फुटओवर ब्रिज में दरारें पड़ गई, जिससे बाद में पुल ढह गया।’ उन्होंने बताया कि शुक्र है कि नीचे से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी। अधिकारी के मुताबिक, ‘फुटओवर ब्रिज का एक हिस्सा गिर गया है, जिससे पश्चिम रेलवे की सभी सेवाएं बाधित हो गई हैं। हमारे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं।’ आपदा प्रबंधन ईकाई के एक अधिकारी ने कहा कि दमकल कर्मी और अन्य एजेंसियां मलबे को साफ करने के काम में जुट गई हैं। पुल सुबह करीब साढ़े सात बजे गिरा। इससे पश्चिम रेलवे की उपनगरीय रेल सेवाएं बाधित होने से शहर थम-सा गया है।