ग्वालियर में सोमवार को आंध्र प्रदेश एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के दो कोच में भीषण आग लग गई। धू-धू कर जल रहे कोचों को आनन-फानन में ट्रेन से अलग कर अन्य कोचों तक आग फैलने से रोका गया ’ प्रेट्रमध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को आंध्र प्रदेश एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के दो कोच में भीषण आग लग गई। धू-धू कर जल रहे कोचों को आनन-फानन में ट्रेन से अलग कर अन्य कोचों तक आग फैलने से रोका गया








 ग्वालियर: नई दिल्ली से विशाखापट्टनम जा रही एपी एसी एक्सप्रेस के दो कोच में ग्वालियर के बिरला नगर स्टेशन पर सोमवार सुबह आग लग गई। घटनास्थल पर फायर ब्रिगेड का अमला करीब 30 मिनट देरी से पहुंचा, तब तक दो कोच आग से घिर चुके थे। आनन-फानन में रेलवे अधिकारियों ने धू-धू कर जल रहे कोचों को ट्रेन से अलग कर अन्य 11 कोचों तक आग फैलने से रोक लिया। इस दौरान कोच में यात्र कर रहे सेना के जवानों ने यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। दोनों कोच में सवार यात्री सकुशल हैं। हादसे में कोच के अलावा यात्रियों को लाखों के माल का भी नुकसान हुआ है। ट्रेन में मप्र राज्य प्रशासनिक सेवा के 39 अधिकारी भी थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया।




एपी एसी एक्सप्रेस सोमवार सुबह 11.12 बजे ग्वालियर की तरफ आ रही थी। सिग्नल नहीं होने के कारण ट्रेन को बिरला नगर स्टेशन पर रोक दिया गया। इसी बीच बी-7 कोच में सवार प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर ने सुबह करीब 11.16 बजे टॉयलेट में धुआं उठता देखा। इसकी जानकारी कोच अटेंडर फिर टीटीई को दी गई। इसके बाद बर्थ नंबर-64 से चैन पुलिंग की गई। ट्रेन रकते ही अनाउंसमेंट हुआ तो अफरातफरी मच गई। कोच में सवार आर्मी के जवानों ने महिलाओं एवं बच्चों को तेजी से नीचे उतारकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

इस बीच आग ने बी-6 कोच को भी अपने दायरे में ले लिया। हादसे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन बी-7 कोच में सवार कुछ यात्रियों का कहना है कि टॉयलेट में कुछ फटने की आवाज हुई, फिर धुआं उठने लगा था, जबकि कुछ शॉर्ट सर्किट की बात कह रहे हैं। डीआरएम झांसी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। सुरक्षा आयुक्त ने भी टीम के साथ ग्वालियर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। 1महिला अधिकारी ने सबसे पहले देखा टॉयलेट में धुआं1जिन कोचों में आग लगी थी, उसमें मप्र राज्य प्रशासनिक सेवा के 39 प्रशिक्षु अफसर दिल्ली से प्रशासनिक अकादमी भोपाल लौट रहे थे।




ये सभी ट्रैकिंग के लिए उत्तराखंड गए थे और बी-6 व बी-7 कोच में थे। रीवा में अपर कलेक्टर आरती यादव जैसे ही कोच के गेट पर पहुंची, उन्हें आग दिखाई दी। सबको ट्रेन से सुरक्षित निकालकर रेस्ट हाउस पहुंचाया गया।सेना के जवानों की जांबाजी1जिस समय ट्रेन में आग लगी, उस वक्त बी-7 कोच में सेना के 22 जवान थे। जैसे ही आग भड़की, सभी जवान अलर्ट मोड में आ गए। महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित जगह छोड़ कर आए। लोगों का सामान भी इस दौरान निकाला। यही कारण रहा कि कोई जनहानि नहीं हुई।यात्री दो कोचों में सवार थे, अधिकारियों व जवानों की सक्रियता से बची उनकी जान