जापान की ट्रेनें दुनियाभर में तय समय पर चलने के लिए मशहूर हैं। लेकिन कई बार इसमें चूक भी हो जाती है। इसके लिए रेलवे बकायदा माफी भी मांगती है। जापान में एक स्टेशन पर 25 सेकेंड पहले ट्रेन के निकलने पर पश्चिमी रेलवे ने माफी मांगी है। .

इसके तहत रेलवे ने जापान के असाही अखबार में माफीनामा भी दिया है। इसके बावजूद भी जापानी लोगों ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर रेलवे की आलोचना की है। एक यूजर ने लिखा कि जापान के लिए यह शर्म की बात है। अगर हम पांच सेकेंड पहले पहुंचते हैं तो क्या होगा। .








शिकायत की : ट्रेन के कंडक्टर की इस गलती से एक यात्री की ट्रेन छूट गई। यात्री ने स्टेशन इंचार्ज से इसकी शिकायत कर दी। इंचार्ज ने मामले की गंभीरता के साथ उच्च स्तर के अधिकारियों से इस गलती के बारे में बताया। इसके बाद जापान के पश्चिमी रेलवे ने अखबार में विज्ञापन देकर माफी मांगी।.

जापान में जहां ट्रेनें अपनी समयबद्धता के लिए मशहूर हैं वहीं भारत में ट्रेनों को चार-पांच घंटे लेट होना आम बात है। कई बार तो ट्रेनें 24 घंटे से भी जाता लेट हो जाती है। लेकिन इसके लिए रेलवे काफी सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता। .

ट्रेन के परिचालक को अंदाजा था कि उसे नोटोगोवा से 7:11 बजे (सुबह) निकलना है। जबकि उसे 7:12 बजे निकलना था। इस पर उसने ट्रेन के गेट बंद कर दिए। जब लगा कि वह एक मिनट पहले ही निकल रहा है तो इस दौरान कंडक्टर ने प्लेटफॉर्म पर नजर दौड़ाई पर वहां कोई यात्री नहीं दिखा। इस पर उसने 25 सेकेंड पहले ही ट्रेन को चला दी।




बुलेट ट्रेन के लिए जमीन की दिक्कत, जापान चिंता में

-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण करने में आ रही दिक्कतों के चलते यह प्रोजेक्ट पूरा होने मुश्किल हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र और गुजरात के किसान जमीन अधिग्रहण के मुआवजे से खुश नहीं हैं, कई किसानों ने अपनी जमीनें देने से भी इनकार कर दिया है।

उधर, जापान के कॉन्सुल जनरल ने भी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट 2023 में पूरा होना है, हमारे पास सिर्फ 5 साल हैं। अगर जमीन अधिग्रहण का विवाद जल्द से जल्द नहीं सुलझा तो हम प्रोजक्ट को इस डेडलाइन तक पूरा कैसे करेंगे। ताजा मामले में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के किसानों ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के खिलाफ कलेक्ट्रेट दफ्तर पर प्रदर्शन किया। ये जमीन अधिग्रहण के तरीके और मुआवजे से खुश नहीं हैं।




उधर, लोक निर्माण विभाग द्वारा ठाणे के शिल गांव के शिलफाटा इलाके में जमीन नापने का काम चल रहा है। इस काम को राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के कार्यकर्ताओं ने रुकवा दिया था। इससे पहले राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के किसानों से अपील की थी कि वे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए जमीन नहीं दें। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भी इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए थे और पीएम को चिट्ठी लिखकर कहा था कि प्रोजेक्ट के नाम पर किसानों के अधिकार न छीने जाएं।