रेलवे बोर्ड ने अपने देशभर में तैनात 13 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। बोर्ड ने गुरुवार को कर्मचारियों की सुविधा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। एनडब्ल्यूआरईयू के उपाध्यक्ष विनीत मान एवं सुभाष पारीक ने बताया कि बोर्ड ने सेवारत व सेवानिवृत रेलकर्मियों एवं उनके आश्रितों को राहत देते हुए सुविधा पास (पीपी) पर यात्रा के दौरान अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सबसे कम दूरी वाले रूट की बाध्यता को खत्म कर दिया है। अब वे किसी भी रूट से यात्रा कर सकेंगे।








– एआईआरएफ के जीएस एसजी मिश्रा एवं एजीएस मुकेश माथुर लंबे समय से बोर्ड के समक्ष स्थाई वार्ता तंत्र (पीएनएम) सहित अनेकों माध्यम से इस बाध्यता को हटाने की मांग कर रहे थे। इस पर निर्णय लेते हुए रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर मुरलीधर ने इस बाध्यता को खत्म कर सभी जोनल रेलवेज को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।




यह होती थी परेशानी

– अभी रेलवे द्वारा मुफ्त यात्रा करने के लिए सेवारत कर्मचारियों को तीन, सेवानिवृत कर्मचारियों को दो एवं आश्रितों को हर साल एक सेट पास जारी किया जाता है क्योंकि अभी तक कर्मचारियों के समक्ष यह बाध्यता थी कि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए शॉर्ट टेस्ट रूट का सलेक्शन करना है। ऐसे में कई बार उन्हें ऐसा रूट मिल जाता था जिस में सफर का समय बहुत अधिक लगता था।




– साथ ही सुपरफास्ट जैसी ट्रेनों की सुविधा भी नहीं मिलती थी जिससे एक तरफ जहां उन्हें सफर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता था वहीं दूसरी तरफ उन्हें छुट्टी भी ज्यादा लेनी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें अच्छी ट्रेन की सुविधा भी मिलेगी, और समय की भी बचत होगी।