सरकारी कर्मचारी हाउस रेंट (एचआर) घटने से नाराज हैं। उनका हाउस रेंट 20 से आठ प्रतिशत पर पहुंच गया है। 12 प्रतिशत का नुकसान पहुंचने की खबर से उनमें गहरा आक्रोश है।

 प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अप्रैल महीने का जो वेतन मिलने वाला है, उसमें एचआर घटकर आएगा। यह कटौती सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों और आदित्यपुर में नगर निगम चुनाव के मद्देनजर किया गया है। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशांक कुमार गांगुली का आरोप है कि बिना अधिसूचना जारी किए एचआर में कटौती गलत और मनमाना निर्णय है। कर्मचारी इसका विरोध करेंगे। अगर वेतन में एचआर कटकर आया तो वे वित्त सचिव से मिलकर विरोध जताएंगे। 








नुकसान तो जमशेदपुर निवासी कर्मचारियों को भी हुआ है, मगर उनकी तुलना में कम। जमशेदपुरवासियों को 16 प्रतिशत एचआर मिलेगा। असल में हाउस रेंट का निर्धारण सातवें वेतन आयोग की उस सिफारिश के आधार पर हुआ है जिसमें शहरों का वर्गीकरण आबादी के अनुसार किया गया है। यह वर्गीकरण तीन श्रेणियों में हुआ है। 50 लाख या अधिक आबादी वाले शहर एक्स, पांच से 50 लाख तक आबादी वाले शहर वाई और इससे कम आबादी वाले शहर जेड श्रेणी में रखे गए हैं।




दिव्यांग कर्मचारियों के भत्ते में कटौती, सरकार से सर्व कर्मचारी संघ खफा

सरकार की ओर से वेतन-भत्तों में की गई बढ़ोतरी का खामियाजा दिव्यांग कर्मियों को चुकाना पड़ रहा है। दिव्यांग कर्मियों को बढ़ोतरी के बजाय नुक्सान हो गया है, जिसके चलते अभ उन्हें हर महीने 580 रुपए कम मिलेंगे। अभी तक इन कर्मियों को 2000 रुपए भत्ते व डीए के 139 प्रतिशत की दर से 2780 रुपए मिलाकर कुल 4780 रुपए हर महीने मिल रहे थे। शनिवार को सरकार ने 2000 रुपए भत्तों को बढ़ाकर तो 4000 रुपए कर दिया गया है, लेकिन डीए की दर मात्र 5 प्रतिशत लगाई। इससे मात्र 200 रुपए ही बढने, इससे दिव्यांग कर्मचारी को सिर्फ 4200 रुपए ही अब मिलेंगे।




इससे करीब 5000 दिव्यांग कर्मियों को सीधे-सीधे सलाना छह हजार रुपए से अधिक की मार पड़ गई है। सर्वे कर्मचारी संघ हरियाणा इससे खफा है। मकान किराया भत्ते में बढ़ोतरी के लिए कमेटी गठित करने औऱ जोखिम -वाहन भत्ते पर चुप्पी साधने प संघ ने  रकड़ी नाराजगी जताई है। सर्व कर्मचारी महासचिव सुभाष लांबा ने सरकार से कहा कि दिव्यांग कर्मचारियों के भत्ते में बढ़ोतरी करने की बजाए कटौती करना उनके साथ भद्दा मजाक है। वहीं सरकार के इस फैसले से सर्व कर्मचारी संघ खफा है।