रेलवे ने एक हजार नए एसी-3 कोच बनाने के आदेश दिए, 14 हजार से ज्यादा सीटें बढ़ेंगी, फ्लैक्सी किराए में भी बदलाव संभव, सभी राजधानी एक्सप्रेस से एसी-2 कोच हटाए जाएंगे, अधिक कमाई की जुगत

राजधानी एक्सप्रेस में एसी-2 कोच नहीं रहेंगे। इनकी जगह अब एसी-3 कोच लगाए जाएंगे। एसी-2 कोच में यात्रियों की कमी को देखते हुए रेलवे बोर्ड यह तैयारी कर रहा है। इसके तहत इस साल 1000 नए एसी-3 कोच के निर्माण के आदेश दिए गए हैं। फ्लैक्सी किराये में बदलाव की तैयारी की जा रही है।रेलवे बोर्ड के इस फैसले से 50 राजधानी ट्रेनों में एसी-3 की करीब 14,400 अतिरिक्त बर्थ का इंतजाम हो जाएगा। इसका सीधा फायदा यात्रियों को होगा।








बदलेगा फ्लैक्सी किराये का फामरूला :यात्रियों द्वारा आलोचना को देखते हुए रेलवे बोर्ड एसी-3 कोच बढ़ाने समेत कई उपाय लागू कर रहा है। इसमें फ्लैक्सी किराये के फामरूले में भी मामूली बदलाव भी शामिल है। बगैर अतिरिक्त सुविधा मुहैया कराए फ्लैक्सी के ऊंचे किराये से यात्रियों में खासा आक्रोश है। हालांकि रेलवे ने 2017-18 में फ्लैक्सी फामरूले से 862 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व हासिल किया है। लिहाजा आय में कमी किए बगैर फ्लैक्सी किराये के फामरूले में बदलाव किया जा सकता है।




इसके अलावा प्रीमियम ट्रेनों में हमसफर ट्रेन का किराया फामरूला लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात मोहम्मद जमशेद नेइस बात के संकेत दिए हैं। हमसफर ट्रेनों में शुरुआत की 50 फीसदी सीटों की बुकिंग में किराया सामान्य रहता है, लेकिन शेष 50 फीसदी सीटों की बुकिंग के साथ 10 फीसदी किराया बढ़ता जाता है।




फ्लैक्सी फेयर फामरूले के चलते राजधानी एसी-2 का किराया हवाई जहाज के बराबर पहुंच जाता है। यात्री विवश होकर ट्रेन की बजाय हवाई सफर कर रहे हैं। लेकिन एसी-3 का किराया बजट में होता है। रेलवे को एसी-2 की बजाय एसी-3 से अधिक राजस्व मिलता है। इसलिए रेलवे बोर्ड ने यह फैसला किया है।