2019 के चुनाव में कर्मचारी इसे बनाएंगे मुद्दा• एनबीटी, लखनऊ : पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग पर कर्मचारी संगठन, प्रदेश सरकार के सामने आने की तैयारी में हैं। सोमवार को लोक निर्माण विभाग में उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के कार्यालय में हुई बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया।







संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामराज दुबे ने कहा कि नई पेंशन नीति का लगातार प्रदेश समेत दूसरे राज्यों से जुड़े संगठन भी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर जल्द हमारी मांगों को पूरा न किया तो कर्मचारी नोटा दबाने या सरकार के खिलाफ जाने का फैसला ले सकते हैं।
पुरानी पेंशन न लागू हुई तो नोटा दबाएंगे कर्मचारियों की खबरें




लखनऊ : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के बैनर तले सैकड़ों राज्य कर्मचारी 12 अप्रैल को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन करेंगे। सोमवार को प्रेस क्लब में मुख्य संयोजक जेएन तिवारी ने बताया कि उन्होंने विभिन्न राज्य कर्मचारियों के संगठन को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह कर्मचारियों के हितों के लिए इस प्रदर्शन में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि 12 को वह कर्मचारियों के हित में गिरफ्तारी देने से भी नहीं चूकेंगे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, जेएन तिवारी गुट की महामंत्री शशि सिंह ने बताया कि जनजागृति के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल सहित अन्य केन्द्रों पर जन सभाओं का आयोजन किया गया है।

नई पेंशन स्कीम के विरोध में उतरी संघर्ष समिति

पुराने 33 केवी बिजली घर परिसर में पेंशन बहाली संघर्ष समिति के आह्वान पर एक बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता राजेश राठी ने की तथा मंच का संचालन अनिल कुमार ने किया। बैठक में सरकार की नई पेंशन स्कीम पर कड़ा विरोध जताया गया और पुरानी पेंशन नीति को बहाल करवाने के लिए विचार-विमर्श किया गया।



बैठक में बताया गया कि नई पेंशन स्कीम कर्मचारियों के लिए घातक है जोकि पूर्णतया शेयर मार्केट पर आधारित है। इसके अलावा बताया गया कि जब एक दिन का कोई एमएलए या एमपी भी बनता है तो उसको पूरी जिंदगी पेंशन दी जाती है। जबकि एक सरकारी कर्मचारी को पूरी जिंदगी सरकार को सेवा देने पर भी पेंशन नहीं है। इस पर सरकार ने जो नई पेंशन स्कीम चलाई है वह पूरी तरह से गलत है जिस पर सरकार को चाहिए कि इस नई पेंशन नीति को बंद करके पुरानी पेंशन नीति बहाल कर दी जाए। वहीं,बैठक में नोवा सिंह,रायसाहब दहिया व जगविंद्र ने संबोधित करते हुए कहा कि पेंशन एक सरकारी कर्मचारी का हक है और सरकार को इसे लागू करने का कार्य करना चाहिए। बैठक में सभी कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार द्वारा पुरानी पेंशन को बहाल नहीं किया गया तो फिर पुरानी पेंशन की बहाली के लिए सरकार के खिलाफ बिगुल बजा दिया जाएगा।