रेलवे बोर्ड ने एक आदेश जारी उन रेलकर्मियों को राहत प्रदान की है, जिन्हें समय पर प्रमोशन नहीं मिल पाया.








रेलवे कर्मचारियों के लिए एक राहत देने वाली खबर आई है. रेलवे बोर्ड ने उन रेलकर्मियों को पदोन्न्ति पाने का एक और अवसर दिया है, जिन्हें समय पर पदोन्न्ति नहीं मिल पाई. बोर्ड के इन आदेशों से उप रेलवे के जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर रेल मंडल के लगभग 2000 हजार कर्मचारी लाभांवित होंगे.




एनडब्ल्यूआरईयू के महामंत्री मुकेश माथुर ने बताया कि डीओपीटी के ज़रिए वर्ष 2016 में केन्द्रीय कर्मचारियों को एमएसीपी में पदोन्न्ति देने के लिए सीआर (गोपनीय प्रतिवेदन) में ‘वेरी गुड’ की बेंच मार्किंग की थी. इससे कई रेलकर्मियों की पदोन्न्ति अटक गई थी. इस मुद्दे को एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रमुखता से उठाया. मिश्रा ने बोर्ड के समक्ष दलील दी थी कि सामान्य पदोन्न्ति में तो सीआर में गुड बैंच मार्किंग से कर्मचारी को पदोन्न्ति मिल रही है.




एमएसीपी में प्रमोशन के समय वेरी गुड मार्किंग के चलते बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रमोशन से वंचित हो रहे हैं. इससे रेलकर्मियों में प्रशासन के विरुद्ध भारी आक्रोश है. फेडरेशन की मांग को स्वीकार करते हुए बोर्ड ने सभी जोनल रेलवेज को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. आदेश में ये निर्देश दिए गए हैं कि वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 की सीआर में जिन रेलकर्मियों को गुड ग्रेडिंग के चलते प्रमोशन से वंचित रखा गया था वे अब सीआर में ग्रेडिंग को सुधारने के लिए दोबारा संबंधित अधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं. इससे पूर्व में दी गई गुड ग्रेडिंग से कर्मचारियों की पदोन्न्ति पर विपरीत असर नहीं पडे़.

लंबे समय से अटकी पदोन्नति की राह खुल जाने से कर्मचारियों में खुशी की लहर है. रेलवे से जुड़े इस स्टॉफ में ज्यादातर रनिंग स्टॉफ भी शामिल है जो अपनी टाइमिंग और भत्तों की मांग लंबे समय से उठा रहा है. ऐसे में इस मांग का माना जाना उनके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है.