यात्रियों की अलग-अलग परेशानियों को सिंगल विंडो पर हल करने के लिए रेलवे कमेटी ने सुझाव दिया।

नई दिल्ली. रेलवे यात्रियों की ट्रेन में अलग-अलग परेशानियों को सिंगल विंडो पर हल करने के लिए सर्विस कैप्टन नियुक्त करने की योजना बना रहा है। पिछले साल दिसंबर में रेल मंत्री पियूष गोयल ने जोनल हेड्स के साथ मीटिंग कर रेलवे कमेटी से सुझाव मांगे थे। रेलवे कमेटी ने सर्विस कैप्टन डेप्यूट करने समेत अन्य सुझाव रेलवे बोर्ड को दिए हैं। यात्रियों को यह सुविधा रेलवे कमेटी के सुझावों पर रेलवे बोर्ड की मुहर लगने के बाद ही मिलनी शुरू होगी।








सर्विस कैप्टन को दूर से पहचान लेंगे यात्री
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रेलवे कमेटी ने रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि सर्विस कैप्टन को अलग तरह की यूनिफॉर्म दी जाए। जिससे यात्री आसानी से उसे पहचान सकें। वहीं, उसे हैंड टूल और टूल किट भी दी जाए।




– इसके अलावा कमेटी ने कहा हैँ कि सर्विस कैप्टन को अच्छे से ट्रेनिंग दी जाए। इसके लिए एक ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया जाए।

क्योंनियुक्तकिया जाए सर्विस कैप्टन?
– रेलवे कमेटी ने रिपोर्ट में कहा है कि रेलवे यात्रियों को यात्रा के दौरान कई सर्विसेज दे रहा है। अभी यात्रियों को हर सर्विस के लिए अलग व्यक्ति से संपर्क करना होता है। ट्रेन में सिंगल इंचार्ज होने पर यात्रियों को सहूलियत होगी।
– सिंगल सुपरवाइजर ट्रेन में दी जा रही सभी सर्विसेज से जुड़े लोगों से खुद को-ऑर्डिनेट करेगा। ऐसे में लोगों को अलग-अलग सर्विसेज से जुड़ी परेशानियों का सिंगल विंडो पर हल मिल जाएगा।




सर्विस कैप्टन आपकी किन समस्याओं का करेगा समाधान?
– सफर के दौरान सामान खोने, बर्थ, विंडो, दरवाजों को लेकर परेशानी या कोच में कॉकरोच, चूहे होने पर आप सविर्स कैप्टन से शिकायत कर सकेंगे।
– इसके अलावा सर्विस कैप्टन की जिम्मेदारी होगी कि वह ट्रेन की साफ-सफाई चेक करे। मरम्मत या ऑपरेशन में कोई परेशानी है, तो अलग-अलग डिपार्टमेंट से को-आडिनेट कर दूर कराए।

रेलवे कमेटी ने और क्या-क्या सुझाव दिए?
– रेलवे कमेटी ने कहा है कि सर्विस कैप्टन सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में डेप्यूट किया जाए। इसके लिए सभी डिवीजन ऑन बोर्ड सुपरवाजर्स का एक पूल बनाएं।
– डिवीजन के सीनियर अफसरों की कमेटी ऐसे कर्मचारी को सर्विस कैंप्टन डेप्सूट करें, जो जूनियर इंजीनियर लेवल या मास्टर क्राफ्टसमैन हो। इसके अलावा उन्होंने कम से कम दो साल की सर्विस पूरी कर ली हो।
– रेलवे शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर 4 जोन की 10 ट्रेनों में सर्विस कैप्टन डेप्यूट करे। इसके बाद जरूरत के हिसाब से बदलाव कर लिए जाएं।

Source:- Bhaskar