7th Pay Commission: सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूतम वेतन वृद्धि से संबंधित सभी अटकलें जल्द ही समाप्त होने की उम्मीद है। सेंट्रल गवर्मेंट इसी साल अप्रैल में अपने कर्मचारियों की मांगों पर अंतिम फैसला ले सकती है। रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र सरकार फिटमेंट फेक्टर को 3 गुना बढ़ाकर कर्मचारियों के मूल वेतन में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है, और यही कारण है कि इस पर चल रही बहस लंबे समय तक जारी है।








आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय ने कथित रूप से एक पैनल स्थापित किया है जो इस साल अप्रैल तक इन कर्मचारियों की मांगों पर अंतिम फैसला ले सकता है। यह उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री द्वारा लोअर लेवल के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का वादा भी पूरा हो सकता है।




रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इसमें सभी विभागों के अधिकारियों और मंत्रियों को शामिल किया गया है। इस समिति में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सचिवों के अलावा डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग, पेंशन, रिवेन्यू, एक्सपेंडेचर, हेल्थ, रेलवे बोर्ड के साइंस एंड टेक्नॉलोजी के चैयरमेन और डिप्टी कैग इसके मेंबर हो सकते हैं। ऐसा हो सकता है कि कैबिनेट सेक्रेटरी प्रदीप कुमार सिन्हा इस कमेटी के अध्यक्ष हों। हालांकि अभी तक इस कमेटी के बारे में भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।





केंद्रीय कर्माचरियों की मांग है कि उनकी न्यूनतम सैलरी को 18,000 रुपए महीने बढ़ाने के बजाय 26,000 रुपए महीने किया जाए। इसके अलावा फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 गुने से बढ़ाकर 3.68 गुना कर दिया जाए। आपको बता दें कि वेतन विसंगति को सुलाझाने के लिए नेशनल अनॉमली कमेटी बनाई गई थी। न्यूनतम वेतन मे बढ़ोतरी और फिटमेंट फेक्टर वेतन विसंगति नहीं थे। इसलिए यह नेशनल अनॉमली कमेटी के दायरे में नहीं आते।