गाजियाबाद: गरीब रथ ट्रेन को गाजियाबाद जंक्शन से गलत रूट पर भेजने वाले स्टेशन मास्टर टीबी मिश्र को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आरएन सिंह ने निलंबित कर दिया है। डीआरएम मामले की जांच स्वयं कर रहे हैं। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) नितिन चौधरी ने जानकारी दी।1बता दें कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे रेलवे अमृतसर से सहरसा जाने वाली गरीब रथ ट्रेन गाजियाबाद आउटर पर रुकी थी। सिग्नल मिलते ही ट्रेन ने चलना शुरू कर दिया था। मगर मुरादाबाद की ओर जाने वाली ट्रेन अलीगढ़ की ओर बढ़ने लगी। हालांकि लोको पायलट को इसका तुरंत ही पता चल गया और उसने इमरजेंसी ब्रेक का प्रयोग कर तुरंत ट्रेन रोक दी।








उसकी सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया, लेकिन इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन को तुरंत वापस गाजियाबाद स्टेशन पर लाया गया। यहां से उसे मुरादाबाद की ओर रवाना किया गया। वहीं इस लापरवाही के बाद गाजियाबाद के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीपीआरओ ने बताया कि मामले की जांच स्वयं डीआरएम ने की और प्राथमिक स्तर पर स्टेशन मास्टर की लापरवाही पाई गई, जिसके बाद स्टेशन मास्टर टीबी मिश्र को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि जांच अभी भी चल रही है।’>>सहरसा जाने वाली गरीब रथ मुरादाबाद की बजाय अलीगढ़ की ओर चली गई थी 1’>>गाजियाबाद जंक्शन पर हुई लापरवाही में स्टेशन मास्टर टीबी मिश्र पर गिरी गाजराज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : हापुड़ में काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में आग लगने से रेल प्रशासन की नींद उड़ गई है। इस तरह की घटनाएं फिर से न घटे, इसे लेकर उत्तर रेलवे सतर्क हो गया है। यार्ड व स्टेशन से लेकर ट्रेन के प्रत्येक कोच और व पेंट्री कार में आग से बचाव को लेकर तय मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाले यात्रियों के खिलाफ भी होगी।




दिल्ली से रविवार को वाराणसी जा रही काशी विश्वनाथ ट्रेन के लगेज बोगी में आग लग गई थी। इस हादसे ने ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इसलिए उत्तर रेलवे ने ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में आगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के साथ ही रेलकर्मियों व यात्रियों को जागरूक किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन हो या स्टेशन परिसर, आगलगी की अधिकतर घटनाएं लापरवाही से होती हैं। इसलिए ट्रेन के मेंटेनेंस और उसकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।




यार्ड में प्रत्येक कोच की बारीकी से जांच करने के साथ ही इसे प्लेटफॉर्म पर लाने तक पूरी तरह से लॉक रखना जरूरी है। इससे कोई बाहरी व्यक्ति कोच में अंदर घुसकर नुकसान नहीं पहुंचा सके।1स्टेशन परिसरों में लगाए गए धुएं और आग की पहचान करने वाले उपकरणों व अलार्म की नियमित जांच की जाएगी। कई स्थानों लगे इस तरह के उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। स्टेशन परिसरों व ट्रेनों को अवैध वेंडरों से मुक्त करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, स्टेशन परिसर में भोजन बनाने व ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वाले यात्रियों के खिलाफ भी होगी। स्टेशन मैनेजर व स्टेशन मास्टर की स्टेशन परिसर में आग बुझाने के लिए पर्याप्त प्रबंध करने की जिम्मेदारी होगी