सफर का अंदाज बदल देगा अत्याधुनिक ट्रेन सेट, रफ्तार और सुविधाओं में पीछे छोड़ देगा शताब्दी एक्सप्रेस को

बस, कुछ दिन का इंतजार शेष है, जब आप ट्रेन सेट से रेल सफर पर निकलेंगे। यूं लगेगा कि आप भारतीय रेल में नहीं, बल्कि यूरोपियन रेल में सफर कर रहे हैं। लेकिन क्षणभर में यह अहसास होगा कि स्वदेशी ट्रेन, ट्रेन सेट में सफर रहे हैं। ट्रेन सेट आपके सफर के अंदाज को बदल देगा। चाहे रफ्तार का मामला हो या सुविधाओं का। ट्रेन सेट में हर तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। इसकी रफ्तार भी 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की होगी। कुल मिलाकर सेमी हाईस्पीड ट्रेन सेट शताब्दी एक्सप्रेस को पीछे छोड़ देगा। यह ट्रेन सेट जून तक तैयार हो जाएगा। यही कारण है कि इस ट्रेन सेट को ट्रेन-18 का नाम दिया गया है।








भारतीय रेलवे के चेन्नई स्थित इंटीगिल्र कोच फैक्टरी (आईसीएफ) में ट्रेन सेट-18 बन रहा है। मेट्रो रेल से दोगुने रफ्तार 160 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाले ट्रेन सेट स्टेनलेस का और यूरोपियन मानक का होगा। इसके इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल डिजाइन खुद आईसीएफ के इंजीनियरों ने तैयार किया है। ट्रेन सेट बॉडी का डिजाइन यूरोपियन कंसल्टेंसी ने किया है। आतंरिक और बाहरी डिजाइन फाइनल हो चुका है और फरवरी से निर्माण शुरू हो जाएगा। ट्रेन सेट जून में बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसका परिचालन दिल्ली से शुरू हो जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि दिल्ली से ढेर सारी शताब्दी एक्सप्रेस चलती हैं।




लिहाजा इसको दिल्ली से परिचालन को प्राथमिकता मिल सकती है। खासियत..ट्रेन-18 : ट्रेन-18 शताब्दी एक्सप्रेस की तरह बैठने के लिए सिर्फ चेयरकार वाली होगी। इनमें कुल 16 चेयरकार के कोच होंगे। यह रफ्तार के मामले में शताब्दी एक्सप्रेस से अधिक तेज होगी। शताब्दी की तुलना में काफी ज्यादा और बेहतर सुविधाएं होगी ताकि आपका सफर ज्यादा आरामदेह हो सके। फिलहाल ट्रेन सेट के दो रैक तैयार किये जा रहे हैं। प्रत्येक कोच के निर्माण पर करीब पांच करोड़ रपए की लागत आ रही है। यह रैक मेट्रो व अन्य कोच से सस्ता है। कोच की सीटें जिस दिशा में ट्रेन जा रही उस दिशा में की जा सकती हैं। ट्रेन सेट में वाईफाई, जीपीएस इंफोटेनमेंट, इम्प्रूव्ड एयर कंडीशन, मिनी पेंट्री, बिना किसी यात्री को तंग किए बेस्ट रीडिंग लाइट, फ्लाइट की तर्ज पर आरामदेह सीट, पैसेंजर इनफाम्रेशन सिस्टम, टच फ्री वैक्यूम टॉयलेट, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर रखने की सुविधा, इत्यादि।खासियत..ट्रेन-20 : आईसीएफ में एलएचबी कोच का निर्माण, फिर ट्रेन-18 का निर्माण तक ही सफर नहीं रुकने वाला है।




आईसीएफ में ही राजधानी एक्सप्रेस की तरह एसी स्लीपर कोच वाले ट्रेन सेट का निर्माण होने वाला है। इस ट्रेन का नाम, ट्रेन-20 दिया गया है। यह एल्मुनिययम बॉडी वाला ट्रेन सेट होगा। यह भी 160 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगा और इसका 176 किलोमीटर की रफ्तार ट्रॉयल किया जा चुका है। ट्रेन सेट एसी चेयरकार और एसी स्लीपर कार दोनों तरह का निर्माण हो सकता है। आईसीएफ ट्रेन सेट-20 के लिए टेंडर आमंत्रित कर रहा है। ट्रेन सेट-20 कोच का होगा। पहले दो ट्रेन सेट विदेश से बनकर आएंगे और बाकी अन्य ट्रेन सेट आईसीएफ में निर्माण होंगे।

आईसीएफ के महाप्रबंधक एस. मणि का कहना है कि आजादी के बाद यहां बने आईसीएफ ने कोच निर्माण में ढेर सारी उपलब्धियां और कीर्तिमान हासिल की हैं। कोच निर्माण के लिए जो भी नई चुनौती मिली उसे उपलब्धियों के साथ पूरा किया। अब ट्रेन-18 और ट्रेन-20 के निर्माण होना है। वह भी समय से पूरा होगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने कहना कि आईसीएफ में बहुत कुछ बदला है। मैं करीब 12 वर्ष पहले यहां चार महीने लिए कार्यरत था। आईसीएफ में सफाई, स्वच्छता में उच्च मुकाम हासिल किया है। वर्ष-2018 बदलाव व बेहतरी का वर्ष है। रेल में बहुत शक्ति है, रेलकर्मिंयों में बहुत शक्ति है। ऐसी शक्ति मैंने और कहीं नहीं देखी।