केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों की पेंशन राशि में बढ़ोतरी से संबंधित इंप्लाइज पेंशन स्कीम (इपीएफ-95) में संशोधन के लिए भारत सरकार ने सात सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। ऑल इंडिया वीएसएस इंप्लाइज इंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सेवा सिंह ने एसोसिएशन की बैठक के बाद मंगलवार को यह जानकारी दी। बताया कि भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों की पेंशन के लिए 16 नवंबर 1995 को अध्यादेश के माध्यम से इपीएफ 95 के नाम से नई पेंशन योजना लागू कर दी थी।








नई पेंशन योजना को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स से नहीं जोड़ा गया था और न ही प्रत्येक दस वर्षों में होनेवाले रिव्यू को शामिल किया गया था। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल ट्रेड यूनियनों1 के दबाव पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने भगत सिंह कोश्यारी कमेटी का गठन किया था।




इपीएफ 95 के मामले में कोश्यारी कमेटी ने इसे महंगाई भत्ता से जोड़ने और न्यूनतम पेंशन राशि 3000 रुपये करने की अनुशंसा की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने कोश्यारी कमेटी की अनुशंसा को लागू करने के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया है। इस संबंध में सेवा सिंह ने बताया कि सिंदरी खाद कारखाने के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इपीएफ 95 के अंतर्गत प्रतिमाह मात्र 1000 रुपये पेंशन मिलती है।




सेवा ने बताया कि भारत सरकार ने एडिशनल सचिव हीरालाल समारिया की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। 1समिति में इइपीएफ अधिकारी डॉ. जीपी जॉय, संयुक्त सचिव आरके गुप्ता, कर्मचारी प्रतिनिधि रवि विग, भारतीय मजदूर संघ के ब्रजेश उपाध्याय, समिति द्वारा मनोनीत सदस्य व इपीएफ के पेंशन संयोजक सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय उर्वरक सचिव भारत सरकार के साथ जनवरी में ही वार्ता प्रस्तावित है।